दुनिया का सबसे बड़ा हिमखंड A23a टेलर कॉलम (Taylor Column) के रूप में एक घूर्णनकारी समुद्री भंवर (Swirling Ocean Vortex) में फंस गया है। इसकी वजह से इसके पिघलने की दर में कमी आई है।
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A23a हिमखंड के बारे में
- वर्ष 1986 में A23a नामक यह हिमखंड अंटार्कटिक तटरेखा से अलग हुआ था और वेडेल सागर (Weddell Sea) में जा गिरा और वस्तुतः एक बर्फ का द्वीप बन गया।
- इसका क्षेत्रफल ग्रेटर लंदन के आकार से दोगुने से भी अधिक है।
- यह हिमखंड 30 वर्षों से अधिक समय तक समुद्र तल पर अटका रहने के बाद आगे बढ़ा किंतु वर्तमान में यह अंटार्कटिका के ठीक उत्तर में टेलर कॉलम में फंस गया है।
- अंटार्कटिका से अलग होने के बाद इस हिमखंड को शक्तिशाली अंटार्कटिक सर्कम्पोलर करंट (ACC) बहाकर आगे ले जाने वाला था। ACC एक महासागरीय धारा है जो अंटार्कटिका के चारों ओर पश्चिम से पूर्व की ओर दक्षिणावर्त चलती है।
- हालांकि, इस प्रत्याशित पथ का अनुसरण करने के बजाए A23a अप्रैल 2023 की शुरुआत से लगभग स्थिर बना हुआ है।
टेलर कॉलम
- टेलर कॉलम तब बनता है जब कोई धारा समुद्र तल पर किसी अवरोध से टकराती है, जिससे घूमते हुए पानी का भंवर बनता है।
- A23a के मामले में यह अवरोध 100 किमी. चौड़ा समुद्री तल है जिसे पिरी बैंक कहा जाता है।
- इसका वर्णन सबसे पहले वर्ष 1920 के दशक में अग्रणी भौतिक विज्ञानी जी.आई. टेलर ने किया था।
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