एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (Antimicrobial Resistance - AMR) – एक वैश्विक स्वास्थ्य संकट
एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (Antimicrobial Resistance - AMR) का मतलब है कि रोगाणु (बैक्टीरिया, वायरस, कवक, परजीवी) एंटीमाइक्रोबियल दवाओं (जैसे एंटीबायोटिक) के प्रति प्रतिरोध विकसित कर लेते हैं, जिससे संक्रमण का इलाज करना मुश्किल हो जाता है
यह एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य खतरा (major global health threat) है, जिसके गंभीर आर्थिक (economic) और सामाजिक (social) प्रभाव होते हैं।
सुपरबग्स (Superbugs) क्या हैं?
सुपरबग्स वे दवा-प्रतिरोधी (drug-resistant) बैक्टीरिया, वायरस, फंगस और परजीवी होते हैं, जिसमें अधिकांश एंटीबायोटिक्स (antibiotics) और अन्य दवाओं का असर नहीं होता है ।
इनके कारण सामान्य संक्रमण भी घातक (fatal) हो सकते हैं क्योंकि पारंपरिक इलाज (traditional treatments) इन पर प्रभावी नहीं होते।
औद्योगिक कचरे (Industrial discharge) और सक्रिय औषधीय तत्वों (Active Pharmaceutical Ingredients - APIs) के जल स्रोतों में रिसाव (leakage) से प्रतिरोधी बैक्टीरिया (resistant bacteria) के प्रसार में वृद्धि होती है।
कृषि में अत्यधिक एंटीबायोटिक्स का उपयोग
पशुपालन (livestock), पोल्ट्री फार्मिंग (poultry farming) और जलीय कृषि (aquaculture) में एंटीबायोटिक्स का अत्यधिक उपयोग (excessive use) उनके विकास को बढ़ाने के लिए किया जाता है।
इससे खाद्य श्रृंखला (food chain) में एंटीबायोटिक अवशेष (antibiotic residues) प्रवेश कर जाते हैं, जो मानव स्वास्थ्य (human health) को प्रभावित करते हैं।
स्वास्थ्य देखभाल में अनुचित उपयोग (Inappropriate Use in Healthcare)
डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक्स का अधिक सेवन (overprescription) और स्व-औषधि (self-medication)।
अस्पतालों और क्लीनिकों में संक्रमण नियंत्रण उपायों (infection control measures) की कमी।
समाप्त हो चुकी दवाओं (expired medicines) और चिकित्सा कचरे (medical waste) का अनुचित निपटान (improper disposal)।
कमजोर अपशिष्ट प्रबंधन (Poor Waste Management)
अशोधित (untreated) गंदे पानी, लैंडफिल लीचेट (landfill leachate - कचरे से रिसने वाला दूषित तरल) और सीवेज कुप्रबंधन (sewage mismanagement) से AMR का खतरा बढ़ता है।
एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) से निपटने के लिए प्रमुख पहल (Key Initiatives to Combat AMR)
वैश्विक पहल (Global Initiatives)
WHO का वैश्विक एक्शन प्लान ऑन AMR (Global Action Plan on AMR - GAP-AMR)
AMR नियंत्रण (AMR control) के लिए जागरूकता (awareness), निगरानी (surveillance), और नीतिगत उपायों (policy measures) पर ध्यान केंद्रित करता है।
वैश्विक एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस निगरानी प्रणाली (Global Antimicrobial Resistance Surveillance System - GLASS)
यह WHO की एक पहल (initiative) है जो AMR के रुझानों (trends) की निगरानी और डेटा संग्रह (data collection) करती है।
वन हेल्थ ग्लोबल लीडर्स ग्रुप ऑन AMR (One Health Global Leaders Group on AMR)
WHO, FAO (संयुक्त राष्ट्र का खाद्य और कृषि संगठन), और OIE (विश्व पशु स्वास्थ्य संगठन) के बीच त्रिपक्षीय सहयोग (tripartite collaboration)।
मानव, पशु और पर्यावरणीय स्वास्थ्य क्षेत्रों (human, animal, and environmental health sectors) के बीच समन्वय (coordination) को बढ़ावा देता है।
भारत की पहल (India’s Initiatives)
राष्ट्रीय एक्शन प्लान ऑन AMR (National Action Plan on AMR - NAP-AMR), 2017
AMR को नियंत्रित (controlling AMR), जागरूकता बढ़ाने (raising awareness), और नीतिगत सुधारों (policy reforms) को लागू करने पर केंद्रित।
"वन हेल्थ" (One Health approach - मानव, पशु और पर्यावरण स्वास्थ्य को जोड़ने वाला दृष्टिकोण) को अपनाने की वकालत करता है।
राष्ट्रीय AMR निगरानी नेटवर्क (National AMR Surveillance Network - NARS-Net)
यह राज्यों में फैले मेडिकल कॉलेज प्रयोगशालाओं (medical college laboratories) का एक नेटवर्क है, जो AMR के रुझानों की निगरानी करता है।
ड्रग नियम, 1945 के तहत विनियमन (Regulation Under Drug Rules, 1945)
एंटीबायोटिक्स को अनुसूची H और H1 (Schedules H and H1) के तहत सूचीबद्ध किया गया है, जिससे उनकी बिक्री और उपयोग (sale and use) को नियंत्रित किया जाता है।
राज्य स्तरीय पहल (State-Level Initiatives)
ऑपरेशन अमृत (Operation AMRIT) – केरल सरकार
स्वास्थ्य क्षेत्र (healthcare) में AMR (Antimicrobial Resistance) हस्तक्षेपों (interventions) पर केंद्रित।
स्वदेशी एंटीबायोटिक "नेफिथ्रोमाइसिन" (Nefithromycin) का विकास
प्रतिरोधी संक्रमणों (resistant infections) से निपटने के लिए भारत की पहली स्वदेशी (indigenous) एंटीबायोटिक।
चुनौतियाँ और चिंताएँ (Challenges and Concerns)
जागरूकता की कमी और एंटीबायोटिक्स का व्यापक दुरुपयोग
बिना डॉक्टरी सलाह (self-medication) के एंटीबायोटिक्स का अनियंत्रित उपयोग।
कृषि और स्वास्थ्य सेवा (agriculture and healthcare) में कमजोर निगरानी और विनियमन (monitoring and regulation)
दवाओं का अवैध उपयोग और अनियमित बिक्री।
नई एंटीबायोटिक्स की खोज में धीमी प्रगति (Slow progress in antibiotic discovery)
नई दवाओं के विकास में वैज्ञानिक चुनौतियाँ और निवेश की कमी।
फार्मास्युटिकल और बायोमेडिकल उद्योगों (pharmaceutical and biomedical industries) में खराब अपशिष्ट प्रबंधन (Poor waste management)
अवशिष्ट एंटीबायोटिक्स का अनुचित निपटान (improper disposal)।
एंटीबायोटिक प्रदूषण (Antibiotic pollution) के कारण जल स्रोतों का पर्यावरणीय प्रदूषण (Environmental contamination of water sources)
नदियों और झीलों में दवाओं के अंश (drug residues) घुलने से जल जीवन (aquatic life) पर प्रभाव।