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बायोसारथी पहल

चर्चा में क्यों 

  • भारत सरकार ने भारतीय बायोटेक स्टार्टअप्स को उनकी घरेलू और वैश्विक पहुँच तथा व्यवसाय विस्तार में सहायता करने के लिए "बायोसारथी" पहल शुरू की है। 
  • इस पहल का अनावरण 21 मार्च 2025 को नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने किया।
  • यह समारोह जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC) के 13वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया था।
  • इस अवसर पर "भारत जैव अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2025" जारी की गई ।

बायोसारथी पहल :-

  • यह एक छह महीने का कार्यक्रम होगा, जो संरचित मेंटर-मेंटी (Mentor-Mentee) जुड़ाव को बढ़ावा देगा।
  • मेंटर (Mentor) एक अनुभवी व्यक्ति होता है, जो स्टार्टअप उद्यमी को चुनौतियों से निपटने में मार्गदर्शन देता है।
  • इस पहल में विदेशी विशेषज्ञों, विशेष रूप से बायोटेक क्षेत्र में सफल भारतीय प्रवासियों को शामिल करने पर ध्यान दिया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य नवाचार (Innovation) को बढ़ावा देना, उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करना और भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

अन्य प्रमुख बिंदु

  • असम पहला भारतीय राज्य बन गया है जिसने BIO-E3 नीति (अर्थव्यवस्था, रोजगार और पर्यावरण के लिए जैव प्रौद्योगिकी) को अपनाया।
  • इस नीति का उद्देश्य जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देना है।
  • भारत में बायोटेक स्टार्टअप्स की संख्या 2014 में 50 से बढ़कर 2024 में 10,075 हो गई।

भारत जैव अर्थव्यवस्था रिपोर्ट 2025

  • यह रिपोर्ट एसोसिएशन ऑफ बायोटेक्नोलॉजी लेड एंटरप्राइजेज (ABLE) द्वारा तैयार की गई है।
  • ABLE की स्थापना अप्रैल 2003 में एक गैर-लाभकारी संगठन के रूप में की गई थी।
  • इसका मुख्यालय बेंगलुरु, कर्नाटक में स्थित है।
  • इसका मुख्य उद्देश्य भारत में जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विकास को गति देना है।

रिपोर्ट की मुख्य बातें

  • 2014 में भारतीय जैव अर्थव्यवस्था का मूल्य 10 बिलियन डॉलर था, जो 2024 में 165.7 बिलियन डॉलर हो गया।
  • केंद्र सरकार ने 2025 तक 150 बिलियन डॉलर की जैव अर्थव्यवस्था का लक्ष्य रखा था।
  • देश की GDP में जैव अर्थव्यवस्था का योगदान 4.25% दर्ज किया गया।
  • पिछले चार वर्षों में जैव अर्थव्यवस्था क्षेत्र की वृद्धि दर (CAGR) 17.9% रही।

जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (BIRAC)

  • स्थापना: वर्ष 2012
  • किसके तहत? कंपनी अधिनियम 2013 की धारा 8 के तहत एक गैर-लाभकारी कंपनी
  • प्रशासनिक नियंत्रण: केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत
  • भूमिका:
    • यह सरकार, उद्योग और शिक्षा जगत के बीच इंटरफेस एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
    • राष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक उत्पाद विकास आवश्यकताओं को पूरा करने हेतु नवाचार को बढ़ावा देता है।
    • BIRAC के अध्यक्ष: डॉ. राजेश एस. गोखले (जैव प्रौद्योगिकी विभाग के  सचिव)

प्रश्न  - जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद की स्थापना कब हुई थी ?

(a) वर्ष 2010

(b) वर्ष 2012

(c) वर्ष 2015

(d) वर्ष 2018

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