गुरुत्वाकर्षण तरंगें (Gravitational Waves - GW) अंतरिक्ष-समय (Space-Time) में उत्पन्न होने वाली लहरें (Ripples) होती हैं, जो ब्रह्मांड में होने वाली अत्यधिक हिंसक (Violent) और ऊर्जावान (Energetic) घटनाओं से उत्पन्न होती हैं।
ये तरंगें प्रकाश की गति (Speed of Light) से यात्रा करती हैं और अपने स्रोत (Source of Origin) से सभी दिशाओं में फैलती हैं।
इन तरंगों की भविष्यवाणी सबसे पहले आइंस्टीन (Einstein) ने अपनी सामान्य सापेक्षता सिद्धांत (General Theory of Relativity - 1916) में की थी।
सापेक्षता के सिद्धांत (Theory of Relativity) के अनुसार, जब कोई विशाल पिंड (Massive Object) अचानक अपनी स्थिति बदलता है, तो वह गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्सर्जित (Emit) करता है।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य:
गुरुत्वाकर्षण तरंगें प्रकाश की गति (Speed of Light) से यात्रा करती हैं।
वर्ष 2015 में, लेजर इंटरफेरोमीटर गुरुत्वाकर्षण-तरंग वेधशाला (Laser Interferometer Gravitational-Wave Observatory - LIGO) ने पहली बार इन तरंगों का प्रत्यक्ष पता लगाया (Detection)।
इस खोज के लिए 2017 में भौतिकी (Physics) का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize) प्रदान किया गया।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों का अध्ययन क्यों महत्वपूर्ण है?
गुरुत्वाकर्षण तरंगों का अध्ययन ब्रह्मांड के रहस्यों (Mysteries of the Universe) को समझने में मदद करता है।
यह वैज्ञानिकों को अति विशाल ब्लैक होल (Supermassive Black Holes) के विलय (Merger), ब्लैक होल-न्यूट्रॉन तारा विलय (Black Hole-Neutron Star Merger) और अन्य ब्रह्मांडीय घटनाओं (Cosmic Events) की गहरी जानकारी प्रदान करता है।
यह अध्ययन ब्रह्मांड की संरचना (Structure), विकास (Evolution) और खगोलीय घटनाओं (Astronomical Events) को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
गुरुत्वाकर्षण तरंगों के प्रमुख स्रोत (Major Sources of Gravitational Waves)
सुपरनोवा विस्फोट (Supernova Explosion): जब कोई तारा (Star)असमान रूप से (Asymmetrically) विस्फोट करता है, तो यह गुरुत्वाकर्षण तरंगें (Gravitational Waves) उत्पन्न कर सकता है।
दो तारों या ब्लैक होल का परिक्रमा करना (Orbiting Two Stars or Black Holes): जब दो विशाल तारे (Massive Stars) या ब्लैक होल (Black Holes) एक-दूसरे की परिक्रमा करते हैं और धीरे-धीरे पास आते हैं, तो उनके विलय (Merger) से गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्पन्न होती हैं।
ब्लैक होल-न्यूट्रॉन तारा विलय (Black Hole-Neutron Star Merger): जब एक ब्लैक होल (Black Hole) और न्यूट्रॉन तारा (Neutron Star) आपस में विलय करते हैं, तो इस प्रक्रिया में भी गुरुत्वाकर्षण तरंगें उत्पन्न होती हैं।
LIGO एक ऐसा उपकरण (Instrument) है, जिसे गुरुत्वाकर्षण तरंगों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
इसमें दो इंटरफेरोमीटर (Interferometers) होते हैं, जिनकी 4 किमी लंबी भुजाएँ (4 km long arms) "L" आकार में होती हैं।
LIGO में स्थिर उच्च-शक्ति वाले लेजर (Stable High-Power Lasers), सटीक डिज़ाइन किए गए दर्पण (Precisely Patterned Mirrors) और एक अत्यंत संवेदनशील प्रणाली (Highly Sensitive System) होती है, जो गुरुत्वाकर्षण तरंगों से उत्पन्न कंपन (Twitching) का पता लगाने के लिए बनाई गई है।
LIGO-India (लिगो-इंडिया परियोजना)
LIGO-India परियोजना (LIGO-India Project) महाराष्ट्र (Maharashtra) में स्थापित की जाएगी।
यह परमाणु ऊर्जा विभाग (Department of Atomic Energy - DAE) और विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology - DST) द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित (Co-Built) की जा रही है।
यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहल (Major Scientific Initiative) है और इसका उद्देश्य गुरुत्वाकर्षण तरंगों के अध्ययन को बढ़ावा देना है।