(प्रारंभिक परीक्षा : अंतर्राष्ट्रीय संबंध, समसामयिक घटनाक्रम) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: भारत एवं इसके पड़ोसी- संबंध) |
संदर्भ
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11-12 मार्च 2025 के मध्य पूर्वी अफ्रीकी देश मॉरीशस के 57वें राष्ट्रीय दिवस समारोह के अवसर पर दो दिवसीय यात्रा की।
प्रधानमंत्री मोदी की मॉरिशस यात्रा के बारे में
- प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस के राष्ट्रपति धर्मबीर गोखूल से द्विपक्षीय वार्ता की।
- दोनों नेताओं ने भारत और मॉरीशस के बीच विशेष और घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा करने पर विचारों का आदान-प्रदान किया।
- प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस को भारत और वैश्विक दक्षिण (Global South) के बीच एक सेतु बताते हुए कहा कि यह द्वीपीय राष्ट्र भारत का एक परिवार है, न कि केवल एक साझेदार देश।
- भारत-मॉरीशस साझेदारी को 'उन्नत रणनीतिक साझेदारी' (Enhanced Strategic Partnership) के रूप में स्थापित करने का निर्णय लिया गया।
- एक विशेष सम्मान के रूप में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति गोखूल और प्रथम महिला वृंदा गोखूल को ओ.सी.आई. कार्ड (भारतीय मूल के विदेशी नागरिक) सौंपे।
- प्रधानमंत्री मोदी को मॉरीशस के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार एंड की ऑफ द इंडियन ओशन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
- प्रधानमंत्री मोदी यह प्रतिष्ठित सम्मान पाने वाले पांचवें विदेशी नागरिक हैं।
- यह किसी देश द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया जाने वाला 21वां अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार है।
यात्रा के प्रमुख परिणाम
प्रमुख समझौते
- सीमा पार लेनदेन के लिए स्थानीय मुद्राओं के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए समझौता।
- मॉरीशस सरकार (उधारकर्ता के रूप में) और भारतीय स्टेट बैंक (उधार देने वाले बैंक के रूप में) के बीच ऋण सुविधा समझौता।
- सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
- क्षेत्रीय एकीकरण और अंतर्राष्ट्रीय व्यापार क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
- लोक सेवा और प्रशासनिक सुधार क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन।
- व्हाइट शिपिंग सूचना साझा करने पर तकनीकी समझौता।
- समुद्री सूचना, प्रशासन एवं अन्वेषण के क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
- वित्तीय अपराध क्षेत्र में सहयोग पर समझौता ज्ञापन।
नई परियोजनाएं
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा अटल बिहारी वाजपेयी लोक सेवा एवं नवाचार संस्थान, मॉरीशस क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र तथा 20 उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं का उद्घाटन।
हस्तांतरण
भारतीय नौसेना के जहाज द्वारा हाइड्रोग्राफी सर्वेक्षण के बाद सेंट ब्रैंडन द्वीप पर तैयार किए गए नेविगेशनल चार्ट का हस्तांतरण।
अन्य पहल
- प्रधानमंत्री मोदी ने मॉरीशस में एक नए संसद भवन की स्थापना और विकास साझेदारी को और बढ़ाने के लिए उच्च प्रभाव सामुदायिक विकास परियोजनाओं के दूसरे चरण के लिए भारत के समर्थन की घोषणा की।
- प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हिन्द महासागर के लिए SAGAR (Security and Growth for All in the Region) पहल की तर्ज पर ग्लोबल साउथ के लिए MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) का आह्वान।
भारत मॉरिशस द्विपक्षीय संबंध
भारत के मॉरीशस के साथ घनिष्ठ और दीर्घकालिक संबंध हैं, जो साझा इतिहास, जनसांख्यिकी और संस्कृति में निहित है। विशेष संबंधों का एक प्रमुख कारण यह है कि भारतीय मूल के लोगों का इस द्वीप की 1.2 मिलियन आबादी में लगभग 70% हिस्सा है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- मॉरीशस एक पूर्व ब्रिटिश और फ्रांसीसी उपनिवेश है, जिसने वर्ष 1968 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता प्राप्त की थी।
- फ्रांसीसी शासन (वर्ष 1729 में) के तहत, पहली बार भारतीयों को पुडुचेरी क्षेत्र से कारीगरों और राजमिस्त्री के रूप में काम करने के लिए मॉरीशस लाया गया था।
- ब्रिटिश शासन के तहत, वर्ष 1834 और 1900 के बीच लगभग पाँच लाख भारतीय गिरमिटिया श्रमिकों को मॉरीशस लाया गया था।
- इन श्रमिकों का पहला जत्था, जिसमें 36 लोग शामिल थे, 2 नवंबर, 1834 को 'एटलस' जहाज पर सवार होकर मॉरीशस पहुंचा।
- इस दिन को अब मॉरीशस में 'अप्रवासी दिवस' के रूप में मनाया जाता है।
- दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटते समय महात्मा गांधी 29 अक्टूबर से 15 नवंबर, 1901 तक मॉरीशस में कुछ समय के लिए रुके थे और शिक्षा, राजनीतिक सशक्तिकरण और भारत से जुड़े रहने के महत्व के अपने तीन परिवर्तनकारी संदेशों के साथ भारतीय मजदूरों की नियति को दिशा दी थी।
- उनकी श्रद्धांजलि में, मॉरीशस का राष्ट्रीय दिवस 12 मार्च (गांधीजी की दांडी नमक यात्रा की तिथि) को मनाया जाता है।
राजनयिक संबंध
- मॉरीशस के साथ भारत ने उसकी स्वतंत्रता से पहले ही वर्ष 1948 में राजनयिक संबंध स्थापित कर लिए थे।
- वर्ष 1948 से 1968 के बीच ब्रिटिश शासित मॉरीशस में भारत का प्रतिनिधित्व एक भारतीय आयुक्त द्वारा किया गया था।
- उसके बाद वर्ष 1968 में मॉरीशस के स्वतंत्र होने के बाद एक भारतीय उच्चायुक्त की नियुक्ति की गई।
आर्थिक संबंध
द्विपक्षीय व्यापार
- वर्ष 2005 से भारत मॉरीशस के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक रहा है।
- वित्त वर्ष 2023-24 के लिए मॉरीशस को भारतीय निर्यात $778.03 मिलियन, भारत को मॉरीशस का निर्यात $73.10 मिलियन और कुल व्यापार $851.13 मिलियन था।
- पिछले 18 वर्षों में व्यापार में वृद्धि हुई है, जो वर्ष 2005-06 में $206.76 मिलियन से बढ़कर 2023-24 में $851.13 मिलियन हो गया है।
- वर्ष 2007 से 2019 के बीच पेट्रोलियम उत्पाद भारत के लिए सबसे बड़ी निर्यात वस्तु रहे हैं।
- मॉरीशस को अन्य भारतीय निर्यात में फार्मास्यूटिकल्स, अनाज, कपास, झींगा और गोजातीय मांस शामिल हैं।
- भारत में मॉरीशस के मुख्य निर्यात में वेनिला, चिकित्सा उपकरण, सुइयां, एल्यूमीनियम मिश्र धातु, स्क्रैप पेपर, परिष्कृत तांबा, सूती शर्ट आदि शामिल हैं।
निवेश
- वर्ष 2000 से 2023 तक मॉरीशस से भारत में $177 बिलियन का संचयी विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफ.डी.आई.) आया है (भारत में कुल एफ.डी.आई. प्रवाह का 25%)।
- अप्रैल-मार्च (वित्त वर्ष 2023-24) की अवधि के लिए मॉरीशस से भारत में एफ.डी.आई. इक्विटी प्रवाह $7.97 बिलियन और 2024-25 (अप्रैल-सितंबर) के लिए $5.34 बिलियन था।
- जिससे यह सिंगापुर के बाद वित्त वर्ष 2023-24 के लिए भारत में एफ.डी.आई. का दूसरा सबसे बड़ा स्रोत बन गया।
व्यापक आर्थिक सहयोग और भागीदारी समझौता (सी.ई.सी.पी.ए.)
- मॉरीशस और भारत ने लगभग 15 वर्षों की वार्ता के बाद 22 फरवरी 2021 को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की यात्रा के दौरान सी.ई.सी.पी.ए. पर हस्ताक्षर किए।
- यह 1 अप्रैल 2021 को लागू हुआ और यह भारत द्वारा किसी अफ्रीकी देश के साथ हस्ताक्षरित पहला व्यापार समझौता है।
- अगस्त 2022 में, दोनों पक्षों ने सामान्य आर्थिक सहयोग और ऑटो-ट्रिगर सेफगार्ड मैकेनिज्म से संबंधित प्रावधानों पर एक अध्याय जोड़ा।
मानवीय सहायता
- भारत पारंपरिक रूप से संकट के समय में मॉरीशस के लिए 'प्रथम प्रतिक्रियाकर्ता' रहा है, जिसमें हाल ही में कोविड-19 और वाकाशियो तेल रिसाव संकट भी शामिल हैं।
- भारत मॉरीशस को मुफ्त कोविशील्ड टीकों की 1 लाख खुराक की आपूर्ति करने वाला पहला देश भी था, इसके बाद वाणिज्यिक आधार पर कोविशील्ड की 1 लाख खुराक और कोवैक्सिन की 2 लाख खुराक की आपूर्ति की गई।
भारत-सहायता प्राप्त परियोजनाएं
- मई 2016 में, भारत ने पांच प्राथमिकता परियोजनाओं के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज के रूप में मॉरीशस को $353 मिलियन का अनुदान प्रदान किया था।
- भारत ने वर्ष 2017 में मॉरीशस को 10 परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए $500 मिलियन की ऋण सहायता दी थी।
- जनवरी 2022 में पूरे मॉरीशस में 96 छोटी, जन-उन्मुख परियोजनाओं को शुरू करने के लिए सामुदायिक विकास परियोजनाओं पर एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जिनमें से अब तक 50 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जा चुका है।
- वर्ष 2024 में, एक मेडिक्लिनिक, पहला विदेशी जन औषधि केंद्र और एक क्षेत्रीय स्वास्थ्य केंद्र का उद्घाटन किया गया।
- भारत द्वारा सहायता प्राप्त अन्य परियोजनाओं में उपाध्याय प्रशिक्षण केन्द्र, जवाहरलाल नेहरू अस्पताल, सुब्रमण्यम भारती नेत्र केन्द्र, राजीव गांधी विज्ञान केन्द्र, स्वामी विवेकानंद अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन केन्द्र और विश्व हिंदी सचिवालय शामिल हैं।
भारत की सहायता से निर्मित अन्य संस्थान
- महात्मा गांधी संस्थान की स्थापना वर्ष 1976 में भारत और मॉरीशस के बीच भारतीय संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए एक संयुक्त उद्यम के रूप में की गई थी।
- रवींद्रनाथ टैगोर संस्थान की स्थापना वर्ष 2000 में भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर अध्ययन केंद्र के रूप में भारतीय सहायता से की गई थी।
- मॉरीशस में विश्व हिंदी सचिवालय भी है, जो हिंदी को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए भारत-मॉरीशस द्विपक्षीय संगठन है और मार्च 2018 में राष्ट्रपति कोविंद की यात्रा के दौरान इसका उद्घाटन किया गया था।
सांस्कृतिक संबंध
- वर्ष 1987 में भारत ने इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र (IGCIC) की स्थापना की, जो विदेश में भारत का सबसे बड़ा सांस्कृतिक केंद्र है।
- IGCIC हर साल 2,500 से अधिक मॉरीशस छात्रों के लिए हिंदुस्तानी संगीत, कथक, तबला और योग की कक्षाएं आयोजित करता है।
- वर्ष 2020 से, भारत ई-विद्या भारती आरोग्य भारती दूरस्थ शिक्षा परियोजना के तहत मॉरीशस के लोगों को छात्रवृत्ति भी दे रहा है।
भारतीय समुदाय
- मॉरीशस में वर्तमान में 26,000 से अधिक भारतीय नागरिक और 13,000 से अधिक ओ.सी.आई. कार्ड धारक हैं।
- 7वीं पीढ़ी तक भारतीय वंशावली वाले मॉरीशस के नागरिकों के लिए ओ.सी.आई. कार्ड के लिए एक विशेष व्यवस्था की घोषणा मार्च 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की राजकीय यात्रा के दौरान की गई थी।
- मॉरीशस ने वर्ष 2004 में एक महीने तक के लिए मॉरीशस आने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए वीजा-मुक्त व्यवस्था शुरू की थी।
- मॉरीशस के लोग भारत आने के लिए निःशुल्क वीजा के हकदार हैं।
- कोविड से पहले के समय में, सालाना लगभग 80,000 भारतीय पर्यटक मॉरीशस आते थे और 30,000 मॉरीशस के पर्यटक भारत आते थे। यह संख्या अब धीरे-धीरे कोविड से पहले के स्तर पर वापस आ रही है।
देशनामा : मॉरिशस
- परिचय : अफ़्रीकी महाद्वीप के तट के दक्षिणपूर्व में लगभग 900 किमी. की दूरी पर हिंद महासागर में और मेडागास्कर के पूर्व में स्थित एक द्वीपीय देश है।

- संरचना : यह अंत: समुद्री ज्वालामुखीय विस्फोटों से निर्मित हुआ है।
- क्षेत्रफल : 2,040 वर्ग किमी.
- राजधानी : पोर्ट लुईस
- राजनीतिक व्यवस्था : संसदीय लोकतंत्र
- जनसंख्या : 1.25 करोड़
- मुद्रा : मॉरिशियाई रुपया
- अर्थव्यवस्था : $16 बिलियन (2024)
- आधिकारिक भाषा : अंग्रेजी
- प्रति व्यक्ति आय : $13,703
|