प्रारंभिक परीक्षा – समसामयिकी मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन,पेपर-3 |
संदर्भ-
- 49 देशों के 86 शोधकर्ताओं की टीम ने लगभग 3,500 हानिकारक आक्रामक प्रजातियों के वैश्विक प्रभावों का चार साल का आकलन जारी किया, जिसमें पाया गया कि आर्थिक लागत अब हर साल कम से कम $423 बिलियन है, जिसमें विदेशी आक्रमणकारी प्रजातियाँ 60% की महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
मुख्य बिंदु-
- संयुक्त राष्ट्र इंटरगवर्नमेंटल साइंस-पॉलिसी प्लेटफॉर्म ऑन बायोडायवर्सिटी एंड इकोसिस्टम सर्विसेज (आईपीबीईएस) रिपोर्ट के सह-अध्यक्ष, पारिस्थितिकी विज्ञानी हेलेन रॉय ने कहा, "हम यह भी जानते हैं कि यह एक ऐसी समस्या है जो बहुत अधिक बदतर होने वाली है।"
- मछली पकड़ने के तालाब जलकुंभी से भर गए हैं। सोंगबर्ड के अंडों को चूहों ने खा लिया है। ज़ेबरा मसल्स ने बिजली संयंत्र के पाइप बंद कर दिए हैं।
- आक्रामक प्रजातियों से वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रति वर्ष $423 बिलियन का नुकसान होता है ।
- 4 सितंबर 2023 को वैज्ञानिकों ने कहा कि ये आक्रामक प्रजातियों द्वारा की गई पर्यावरणीय अराजकता के कुछ उदाहरण हैं, जिनके दुनिया भर में फैलने से 1970 के बाद से हर दशक में चौगुनी आर्थिक क्षति देखी गई है।
- जलवायु परिवर्तन के कारण तापमान में बढ़ोत्तरी से आक्रामक प्रजातियों के विस्तार को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
- आक्रामक प्रजातियाँ, वे पौधे या जानवर हैं, जो अक्सर मानव गतिविधियों द्वारा इधर-उधर चले जाते हैं और पर्यावरण पर हानिकारक प्रभाव डालते हैं। इनमें देशी वन्य जीवन को कम करना, बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना और मानव स्वास्थ्य तथा आजीविका को खतरे में डालना शामिल है।
- इन प्रजातियों से पड़ने वाले दुष्प्रभाव अक्सर धीमी गति से दिखते हैं, लेकिन जब वे ऐसा करते हैं तो विनाशकारी हो सकते हैं।
- वैज्ञानिकों ने कहा कि अगस्त,2023 में हवाई में घातक जंगल की आग ज्वलनशील आक्रामक घासों के कारण लगी थी, जो पशुओं के चरागाह के रूप में अफ्रीका से लाई गई थीं।
- आक्रामक मच्छर प्रजातियाँ भी डेंगू, मलेरिया, जीका और वेस्ट नाइल जैसी बीमारियाँ फैला सकती हैं।
- चिली के इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड बायोडायवर्सिटी के सह-अध्यक्ष एनीबल पॉचर्ड ने कहा, "आक्रामक प्रजातियां न केवल प्रकृति बल्कि लोगों को भी प्रभावित कर रही हैं और जीवन की भयानक क्षति का कारण बन रही हैं।"
आक्रामक प्रजातियों का उन्मूलन-
- आक्रामक प्रजातियों के लगभग तीन-चौथाई नकारात्मक प्रभाव भूमि पर होते हैं, विशेषकर जंगलों, वुडलैंड्स और खेती वाले क्षेत्रों में।
- हेलेन रॉय ने कहा, हालांकि आक्रामक प्रजातियाँ कई रूपों में आ सकती हैं, जिनमें सूक्ष्म जीव, अकशेरुकी और पौधे शामिल हैं, किंतु जानवरों खासकर शिकारी जानवरों का पर्यावरणीय प्रभाव अक्सर सबसे अधिक होता है।
- पौचार्ड ने कहा कई द्वीपों पर कुछ बचावों के साथ अनेक प्रजातियाँ शिकारी प्रजातियों के बिना विकसित हुई हैं, इसलिए "बहुत भोली" हैं।
- हालाँकि, एक बार फैल जाने के बाद आक्रामक प्रजातियों से छुटकारा पाना मुश्किल होता है।
- कुछ छोटे द्वीपीय देशों ने आक्रामक चूहों और खरगोशों को फँसाने और जहर देकर ख़त्म करने में सफलता प्राप्त की है।
- लेकिन आक्रामक प्रजातियों की बड़ी आबादी, जो तेजी से प्रजनन करती है उन्हें समाप्त करना मुश्किल हो जाता है।
- आक्रामक पौधे अक्सर अपने बीजों को वर्षों तक मिट्टी में निष्क्रिय अवस्था में छोड़ देते हैं।
- वैज्ञानिकों ने कहा कि जैव विविधता की सीमा और आयात पर नियंत्रण के रोकथाम के उपाय सबसे प्रभावी हैं।
- दिसंबर,2022 में, दुनिया की सरकारों ने कुनमिंग-मॉन्ट्रियल वैश्विक जैव विविधता ढांचे में 2030 तक प्राथमिकता वाली आक्रामक ज्ञात प्रजातियों 50 प्रतिशत तक कम करने की प्रतिबद्धता जताई।
प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-
प्रश्न- आक्रामक प्रजातियों के कारण 1970 के बाद से हर दशक में कितनी आर्थिक क्षति देखी गई है?
(a) दो गुनी
(c) तीन गुनी
(d) चार गुनी
(c) इनमें से कोई नहीं
उत्तर- (c)
मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-
प्रश्न- आक्रामक प्रजातियाँ क्या होती हैं? उनके द्वारा होने वाले दुष्प्रभावों को स्पष्ट करें।
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