चर्चा में क्यों ?
- भारत में मैंग्रोव वन देश के 9 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों के तटीय क्षेत्रों में पाए जाते हैं।
- इन वनों की सुरक्षा और संवर्धन के लिए केंद्र सरकार ने 2021-23 की अवधि के दौरान 7 तटीय राज्यों को 8.58 करोड़ रुपए की केंद्रीय सहायता जारी की है।

वर्ष 2024-25 के लिए नए फंड आवंटन
- केंद्र सरकार ने सीएएमपीए (CAMPA) योजना के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और पुडुचेरी को 3836 हेक्टेयर खराब मैंग्रोव वन क्षेत्र के पुनर्स्थापन के लिए ₹17.96 करोड़ आवंटित किए हैं।
- इसकी जानकारी केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
भारत में मैंग्रोव वन क्षेत्र की वर्तमान स्थिति
भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2023 के अनुसार:
- कुल मैंग्रोव कवर: 4,991.68 वर्ग किलोमीटर (देश के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 0.15%)।
- 2013-2023 के बीच वृद्धि: 363.68 वर्ग किलोमीटर (7.86%)।
- 2001-2023 के बीच वृद्धि: 509.68 वर्ग किलोमीटर (11.4%)।
मैंग्रोव संरक्षण के लिए सरकारी नियम और कानून
- पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत तटीय क्षेत्र विनियमन अधिसूचना (CRZ) 2019 लागू।
- मैंग्रोव वन पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ESA) घोषित, जहां सीमित गतिविधियों की अनुमति।
- CRZ-IA के तहत 50 मीटर का बफर जोन, यदि मैंग्रोव क्षेत्र 1000 वर्ग मीटर से अधिक हो।
- अगर किसी परियोजना में मैंग्रोव नष्ट होते हैं, तो उनकी संख्या से तीन गुना अधिक पौधे लगाना अनिवार्य।
मैंग्रोव संरक्षण के लिए केंद्र सरकार की पहल – MISTHI कार्यक्रम
MISTHI (Mangrove Initiative for Shoreline Habitats & Tangible Incomes)
- भारत के समुद्र तट पर 540 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में मैंग्रोव विस्तार की योजना।
- मैंग्रोव संरक्षण और पुनर्स्थापन के साथ तटीय समुदायों को जागरूक करना।
- स्थानीय आजीविका को बढ़ावा देने और पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने पर जोर।
प्रश्न - MISTHI कार्यक्रम किससे संबंधित है ?
(a) मैंग्रोव संरक्षण
(b) पशु संरक्षण
(c) वन संरक्षण
(d) नदी संरक्षण
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