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mRNA वैक्सीन (mRNA Vaccine)

  • mRNA वैक्सीन एक आधुनिक प्रकार की टीका (vaccine) है, जो मानव कोशिकाओं (human cells) को निर्देश (instruct) देती है कि वे किसी विशेष वायरस का एक प्रोटीन (protein) – जैसे स्पाइक प्रोटीन (spike protein) – बनाएं।
  • यह प्रोटीन शरीर में वायरस की तरह ही दिखता है, जिससे रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) उस वायरस को पहचानना सीख जाता है।
  • जब असली वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तो प्रतिरक्षा तंत्र पहले से तैयार होता है और शरीर को संक्रमण से सुरक्षा (protection from infection) प्रदान करता है।

मुख्य बिंदु (Key Points)

  • mRNA (Messenger RNA) = एक प्रकार का आनुवंशिक संदेशवाहक (genetic messenger) जो कोशिकाओं को प्रोटीन बनाने का निर्देश देता है।
  • यह तकनीक परंपरागत वैक्सीन की तरह शरीर में वायरस का कोई कमजोर या मरा हुआ रूप नहीं डालती।
  • शरीर स्वयं वायरस जैसे प्रोटीन बनाकर प्रतिरक्षा विकसित करता है।

उदाहरण:-कोविड-19 के लिए Pfizer-BioNTech और Moderna की वैक्सीन mRNA तकनीक पर आधारित थीं। 

mRNA Vaccine का कार्य-प्रणाली (Mechanism of Action of mRNA Vaccine)

  • mRNA का इंजेक्शन (mRNA Injection)
    • वैक्सीन शरीर में mRNA (Messenger RNA) का एक कृत्रिम रूप (synthetic form) इंजेक्ट करती है।
    • यह mRNA एक वायरस के प्रोटीन (जैसे स्पाइक प्रोटीन) को बनाने का कोड (code) लेकर आता है।
  • प्रोटीन निर्माण (Protein Production)
    • शरीर की कोशिकाएं (cells) इस mRNA का उपयोग करके वायरस का एक हानिरहित (harmless) स्पाइक प्रोटीन (spike protein) बनाती हैं।
    • यह प्रोटीन खुद वायरस नहीं होता, पर शरीर को वायरस जैसा दिखता है।
  • प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (Immune Response)
    • जब शरीर इस स्पाइक प्रोटीन को पहचानता है, तो रोग प्रतिरोधक तंत्र (immune system) सक्रिय हो जाता है।
    • यह एंटीबॉडी (antibodies) और टी-कोशिकाएं (T-cells) बनाता है जो भविष्य में वायरस से लड़ने में मदद करेंगी।
  • सुरक्षा (Protection)
    • जब कभी असली वायरस शरीर में प्रवेश करता है, तब रोग प्रतिरोधक तंत्र उसे तुरंत पहचान कर नष्ट (destroy) कर देता है।
    • इस तरह व्यक्ति को बीमारी से सुरक्षा (protection from disease) मिलती है।

उदाहरण (Example):

  • Pfizer-BioNTech और Moderna की COVID-19 mRNA वैक्सीन शरीर को कोरोनावायरस के स्पाइक प्रोटीन की प्रतिकृति (copy) बनाने के लिए प्रशिक्षित करती हैं।
  • इससे एक मजबूत प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया (strong immune response) उत्पन्न होती है।

mRNA वैक्सीन: लाभ (Advantages) और चुनौतियाँ (Challenges)

Advantages of mRNA Vaccines / mRNA वैक्सीन के लाभ

  • त्वरित विकास (Rapid Development)mRNA वैक्सीन को पारंपरिक वैक्सीन की तुलना में कम समय (less time) में विकसित किया जा सकता है।
  • कोई जीवित वायरस नहीं (No Live Virus)इसमें जीवित वायरस (live virus) का उपयोग नहीं होता, जिससे संक्रमण का खतरा नहीं होता।
  • मजबूत रोग प्रतिरोधक प्रतिक्रिया (Strong Immune Response)यह वैक्सीन टी-कोशिकाएं (T-cells) और एंटीबॉडी (Antibodies) दोनों को उत्पन्न करती है, जिससे शरीर की प्रतिरक्षा मजबूत होती है।
  • नए वेरिएंट्स के अनुसार अनुकूल (Adaptable to New Variants)यह तकनीक वायरस के नए रूपों (variants) के अनुसार आसानी से बदली जा सकती है।
  • भविष्य में उपयोग (Future Use)mRNA तकनीक का उपयोग भविष्य में कैंसर (cancer), HIV, और अन्य बीमारियों के इलाज में भी किया जा सकता है।

Challenges & Concerns चुनौतियाँ और चिंताएं

  • भंडारण की कठिनाई (Difficulty of Storage)इसे -70°C जैसी अत्यधिक ठंडी स्थितियों (extremely cold conditions) में संग्रहित करना होता है, जो मुश्किल है।
  • लागत और वितरण (Cost and Distribution)यह तकनीक महंगी (expensive) हो सकती है और गरीब देशों में इसे लागू करना कठिन हो सकता है।
  • दीर्घकालिक प्रभाव (Long-term Effects)यह एक नई तकनीक (new technology) है, इसलिए इसके लंबे समय तक होने वाले प्रभावों (long-term effects) पर अभी और शोध की आवश्यकता है।
  • गलत जानकारी (Misinformation)इस तकनीक को लेकर लोगों में कई भ्रम (misconceptions) हैं, जिससे वैक्सीन को लेकर झिझक (vaccine hesitancy) बढ़ सकती है।

mRNA Vaccine and India भारत में mRNA वैक्सीन

  • भारत में अनुसंधान (Research in India):-भारत भी mRNA वैक्सीन विकसित करने (developing mRNA vaccine) की दिशा में कार्य कर रहा है। पुणे स्थित Gennova Biopharmaceuticals ने भारत की पहली स्वदेशी (indigenous) mRNA वैक्सीन विकसित की है।
  • COVID-19 के लिए mRNA वैक्सीन (mRNA Vaccines for COVID-19):-Pfizer और Moderna की mRNA वैक्सीन को भारत में स्वीकृति (approval) मिली थी।लेकिन लॉजिस्टिक्स (logistics – वितरण व्यवस्था) और कीमत (price) की समस्याओं के कारण इनका बड़े पैमाने पर उपयोग नहीं किया गया।
  • भविष्य की संभावनाएँ (Future Prospects):-भारत में कम कीमत वाली (cheaper) और अधिक प्रभावी (more efficient) mRNA वैक्सीन विकसित करने पर अनुसंधान (research) जारी है।यह तकनीक भारत को वैश्विक वैक्सीन विकास में अग्रणी बना सकती है।
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