(प्रारंभिक परीक्षा : सरकारी योजनाएं एवं कार्यक्रम) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र 2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप और उनके अभिकल्पन तथा कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय) |
संदर्भ
वर्ष 2025 में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के कार्यान्वयन के पांच वर्ष पूर्ण हुए।
राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन
- परिचय : तकनीकी वस्त्र उद्योग में भारत को वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करने के लिए केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय द्वारा यह योजना वर्ष 2020 में शुरू की गई थी।
- समयावधि : वित्त वर्ष 2020-21 से 2025-26
- परिव्यय : 1,480 करोड़ रुपये
- नोडल एजेंसी : केन्द्रीय वस्त्र मंत्रालय
- परियोजनाएं : मिशन के तहत लगभग 509 रुपये करोड़ मूल्य की कुल 168 शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
मिशन के उद्देश्य
- देश में तकनीकी वस्त्रों के प्रवेश स्तर में सुधार लाना तथा कार्यबल के कौशल को उन्नत करना
- भारत में रणनीतिक क्षेत्रों सहित विभिन्न प्रमुख मिशनों, कार्यक्रमों में तकनीकी वस्त्रों के उपयोग को बढ़ावा देना
- मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने और उद्योग की प्रतिस्पर्द्धात्मकता को सक्षम करने के लिए तकनीकी वस्त्रों के लिए स्वदेशी मशीनरी और प्रक्रिया उपकरण विकसित करना
मिशन के प्रमुख कार्य
- कार्बन फाइबर, अरामिड फाइबर, नायलॉन फाइबर, और कम्पोजिट का मौलिक अनुसंधान और विकास।
- कृषि-वस्त्र, भू-वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र, मोबाइल वस्त्र और खेल वस्त्र में अनुप्रयोग आधारित अनुसंधान जिसमें जैव-निम्नकरणीय और टिकाऊ तकनीकी वस्त्र का विकास शामिल है।
मिशन में शामिल घटक
इस मिशन के चार प्रमुख घटक हैं जिनका उद्देश्य इस क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देना है :
- अनुसंधान, नवाचार और विकास : यह घटक तकनीकी वस्त्रों में अनुसंधान एवं विकास का समर्थन करता है। साथ ही नई सामग्री और प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है।
- संवर्धन और बाजार विकास : इस घटक का उद्देश्य बाजार विकास, बाजार संवर्धन, अंतर्राष्ट्रीय तकनीकी सहयोग, निवेश संवर्धन और 'मेक इन इंडिया' पहल के माध्यम से प्रतिवर्ष 15-20% की औसत वृद्धि प्राप्त करना है।
- निर्यात संवर्धन : इस घटक का उद्देश्य तकनीकी वस्त्रों के लगभग 14000 करोड़ रुपये के वर्तमान वार्षिक मूल्य से बढ़ाकर उसका निर्यात संवर्धन एवं प्रति वर्ष निर्यात में 10% औसत वृद्धि सुनिश्चित करना है।
- इस क्षेत्र में प्रभावी समन्वय और संवर्धन गतिविधियों के लिए तकनीकी वस्त्र निर्यात संवर्धन परिषद का गठन किया जाएगा।
- शिक्षा, प्रशिक्षण और कौशल विकास : इस घटक का उद्देश्य शीर्ष संस्थानों और उद्योगों में तकनीकी वस्त्र शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और इंटर्नशिप को बढ़ावा देना है।
मिशन के तहत शुरू की गई विभिन्न पहल
तकनीकी वस्त्रों के लिए इंटर्नशिप सहायता के लिए अनुदान (GIST 2.0)
- GIST 2.0 तकनीकी वस्त्रों में व्यावहारिक शिक्षण के अवसर प्रदान करके उद्योग और शिक्षा जगत के बीच अंतर कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह स्थानीय नवाचार को बढ़ावा देने के साथ ही मेक इन इंडिया पहल का समर्थन करता है।
- कपड़ा क्षेत्र में विकास को आगे बढ़ाने के लिए युवा प्रतिभाओं को सशक्त बनाता है।
तकनीकी वस्त्रों में आकांक्षी नवप्रवर्तकों के लिए अनुसंधान एवं उद्यमिता हेतु अनुदान (GREAT) योजना
- इस योजना की शुरुआत अगस्त 2023 में की गई थी।
- यह कार्यक्रम विभिन्न स्टार्टअप्स को व्यावसायीकरण के लिए प्रौद्योगिकियों और उत्पादों में परिवर्तित करने में सहायता के लिए वित्तपोषण प्रदान करता है।
कौशल विकास कार्यक्रम
- इस कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रमों के माध्यम से चिकित्सा, सुरक्षात्मक, मोबाइल और कृषि वस्त्र जैसे क्षेत्रों में लक्षित कौशल विकास प्रदान करना है।
- इस कार्यक्रम के अंतर्गत दक्षिण भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (SITRA),उत्तरी भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (NITRA) और दक्षिण अहमदाबाद सिल्क मिल और औद्योगिक अनुसंधान संघ(SASMIRA) जैसे संगठनों द्वारा कौशल विकास किया जा रहा है।
टेक्नोटेक्स 2024 (Technotex : 2024)
- भारत टेक्स-2024 के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम में भारत के तकनीकी वस्त्र क्षेत्र की ताकत का प्रदर्शन किया गया।
- इसने वैश्विक निवेश के अवसरों का पता लगाने के लिए एक मंच के रूप में कार्य किया।
इसे भी जानिए!
तकनीकी वस्त्र के बारे में
- क्या हैं : यह ऐसी वस्त्र सामग्रियां और उत्पाद हैं जो मुख्य रूप से सौंदर्यपरक विशेषताओं की अपेक्षा तकनीकी कार्य-निष्पादन और विशिष्ट आवश्यकताओं के लिए निर्मित किए जाते हैं।
- श्रेणियां : अनुप्रयोगों के आधार पर तकनीकी वस्त्रों को 12 श्रेणियों में विभाजित किया गया है-
- इनमें एग्रोटेक, बिल्डटेक, क्लाथटेक, जियोटेक, होमटेक, इन्डुटेक, मोबिलटेक, मेडिटेक, प्रोटेक, स्पोर्ट्सटेक, ओइकोटेक, पैकेटेक शामिल हैं।
- उद्देश्य : इन वस्त्रों को कार, विनिर्माण, खेती, स्वास्थ्य सेवा और सुरक्षा जैसे विभिन्न उद्योगों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- उपयोग : ऐसे उत्पादों में उपयोग, जो लोगों की सुरक्षा करने, मशीनरी को बेहतर बनाने और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं।
- अनुप्रयोग क्षेत्र : इनमें कृषि, सड़क, रेलवे, स्पोर्ट्सवियर, बुलेटप्रूफ एवं अग्निरोधी जैकेट, अधिक ऊंचाई पर युद्धक उपकरण और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
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