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कृषि-खाद्य में पोषण निवेश

मुख्य परीक्षा

(सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 1, 2 व 3 : महिलाओं की भूमिका और महिला संगठन, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र/सेवाओं के विकास और प्रबंधन से संबंधित विषय, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ

स्विट्जरलैंड स्थित ‘ग्लोबल अलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन (GAIN)’ संस्था द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट में कृषि-खाद्य क्षेत्र में पोषण निवेश की मांग की गई है। इससे लैंगिक असमानता कम होने के साथ ही उत्पादकता एवं व्यापार लचीलेपन में वृद्धि की संभावना है।

रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष

वित्तपोषण बढ़ाने की आवश्यकता  

रिपोर्ट में पौष्टिक खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं (विशेष रूप से छोटे एवं मध्यम उद्यमों) के लिए वित्त पोषण बढ़ाने का उल्लेख किया गया है। इनके पास उभरते बाजारों में वित्त पोषण तक पहुंच की गंभीर कमी है।

महिला भागीदारी से लाभ 

  • खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सभी कृषि-खाद्य श्रमिकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 38% है।
    • हालाँकि, दुनिया के कम सुविधा प्राप्त भागों में कृषि-खाद्य क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी अत्यधिक है।
    • यह हिस्सेदारी उप-सहारा अफ्रीका में 66% और दक्षिण एशिया क्षेत्र में 71% है।
  • एफ.ए.ओ. के अनुसार, उत्पादक संसाधनों एवं सेवाओं तक महिलाओं की पहुँच में सुधार करके लैंगिक असमानताओं को कम करने से महिलाओं द्वारा कृषि उपज में 20-30% की वृद्धि हो सकती है। 
    • महिलाओं का सशक्तिकरण बेहतर घरेलू आहार और विशेष रूप से बेहतर बाल पोषण से संबद्ध है। 
  • पिछले वर्ष जारी की गई कृषि-खाद्य प्रणालियों में महिलाओं की स्थिति रिपोर्ट के अनुसार कृषि उत्पादकता में लैंगिक अंतराल और कृषि-खाद्य-प्रणाली रोजगार में मजदूरी अंतराल को पाटने से वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद में 1% या लगभग 1 ट्रिलियन डॉलर की वृद्धि होगी।

लैंगिक अंतराल 

  • जिन कृषि-खाद्य क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दर उच्च है वहां महिलाओं को कई तरह की बाधाओं का सामना करना पड़ रहा है। इनमें शामिल हैं :
    • भूमि, इनपुट, वित्त, विस्तार सेवाओं एवं प्रौद्योगिकी सहित प्रमुख परिसंपत्तियों, संसाधनों व सेवाओं तक कम पहुँच।
  • भेदभावपूर्ण सामाजिक मानदंड और कानूनी ढाँचे भी जोखिम भरी रोज़गार स्थितियों तथा लिंग आधारित हिंसा के प्रति संवेदनशीलता के आधार पर महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता प्राप्त करने में बाधक हैं।

पोषण आधारित निवेश की आवश्यकता 

  • रिपोर्ट के अनुसार खाद्य सुरक्षा प्राप्त करने के लिए, खाद्य उत्पादन एवं उपभोग के पोषण पहलू को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता है। पोषण निवेश, निवेशकों के लिए खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं को मज़बूत करने का एक अवसर है। 
  • लैंगिक दृष्टिकोण के आधार पर पौष्टिक खाद्य प्रणालियों में निवेश एक मजबूत व्यावसायिक व व्यवहार्य मामला है।
    • व्यावसायिक दृष्टिकोण से पोषण निवेश आपूर्तिकर्ता, उत्पादकता, व्यावसायिक लचीलेपन में सुधार के साथ ही महिलाओं को आकर्षित करके और अधिक उत्पादक कार्यबल का निर्माण कर सकता है। 
    • इस तरह कृषि व्यवसाय प्रबंधन एवं कर्मचारी दोनों स्तरों पर अधिक विविधता से लाभान्वित हो सकते हैं।
  • पोषण निवेश वैश्विक खाद्य सुरक्षा एवं पोषण, महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और जलवायु शमन व अनुकूलन में योगदान दे सकता है।

भौगोलिक आधार पर हस्तक्षेप : केस अध्ययन 

  • GAIN की रिपोर्ट में लैंगिक दृष्टिकोण से तीन भौगोलिक क्षेत्रों में छह पौष्टिक खाद्य मूल्य श्रृंखलाओं पर प्रकाश डाला गया है: 
  • उप-सहारा अफ्रीका में काजू एवं मुर्गी पालन
    • अफ्रीका दुनिया में कच्चे काजू का सबसे बड़ा उत्पादक है। हालाँकि, उप-सहारा अफ्रीका में इनका केवल 10% प्रसंस्करण स्थानीय स्तर पर किया जाता है। 
    • काजू के छिलके उतारने एवं छाँटने में महिलाएँ प्रमुख भूमिका निभाती हैं। स्थानीय स्तर पर मूल्य संवर्धन सुनिश्चित करने के लिए इस क्षेत्र में प्रसंस्करण सुविधाओं में निवेश करने का अवसर है।
  • दक्षिण एशिया में टमाटर एवं डेयरी
    • दक्षिण एशिया में टमाटर का उत्पादन बहुत अधिक है, जिसमें भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा उत्पादक है। महिलाएँ टमाटर की खेती एवं प्रसंस्करण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं किंतु संसाधनों पर उनका नियंत्रण सीमित होता है।
    • दक्षिण एशिया में महिलाओं के पास ऋण एवं नई कृषि प्रौद्योगिकियों जैसे संसाधनों तक सीमित पहुँच व नियंत्रण होता है। ये संसाधन बड़े पैमाने पर पुरुषों द्वारा नियंत्रित होते हैं।
  • लैटिन अमेरिका में जलीय कृषि एवं क्विनोआ
  • 2X मानदंड : यह लैंगिक दृष्टिकोण वाली कंपनियों में निवेश के लिए एक स्पष्ट और मानकीकृत ढांचा प्रदान करता है। इसे जून 2024 में अपडेट किया गया था।
  • 2X मानदंड निवेश का आकलन करने और संरचना करने के लिए वैश्विक उद्योग मानक हैं। ये निम्नलिखित में वृद्धि करते हैं : 
    • महिलाओं को नेतृत्व के अवसर
    • गुणवत्तापूर्ण रोजगार
    • वित्त एवं उद्यम सहायता 
  • आर्थिक भागीदारी तथा पहुँच को बढ़ावा देने वाले उत्पाद व सेवाएँ
  • अधिक पुरुष-प्रधान वाले मूल्य श्रृंखलाओं में महिलाएँ अनौपचारिक नौकरियों में अधिक संलग्न हैं। यहाँ लैंगिक दृष्टिकोण आधारित निवेश जलीय कृषि जैसे मूल्य श्रृंखला में महिलाओं के समावेश एवं उपचार को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं।
  • मूल्य श्रृंखलाओं में लैंगिक दृष्टिकोण आधारित निवेश, नेतृत्व में महिलाओं के प्रतिनिधित्व की कमी को दूर करने और महिला उद्यमिता व स्वामित्व का समर्थन करने में मदद कर सकता है।
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