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न्योकुम युलो उत्सव

चर्चा में क्यों?

  • उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 26 फरवरी, 2025 को अरुणाचल प्रदेश के कामले जिले के बोआसिमला में आयोजित पहले संयुक्त मेगा न्योकुम युलो उत्सव में भाग लिया और उसे संबोधित किया।
  • उत्सव के दौरान माउंट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़ने वाली अरुणाचल प्रदेश की पहली महिला कबाक यानो को सम्मानित किया गया।

न्योकुम यूलो 

  • न्योकुम युलो उत्सव अरुणाचल प्रदेश की न्यीशी जनजाति का एक प्रमुख कृषि त्योहार है, 
    • इसमें समृद्धि की देवी न्योकुम की पूजा की जाती है।
  • न्योकुम शब्द न्योक और कुम से बना है। 
  • न्योक का अर्थ भूमि (पृथ्वी) और कुम का अर्थ सामूहिकता या एकजुटता है।
  • इसे न्यीशी जनजाति द्वारा मनाया जाता है।

न्यीशी जनजाति 

  • यह राज्य की सबसे बड़ी जनजाति हैं।
  • ये अरुणाचल प्रदेश के सात जिलों में पाई जाती है, 
    • इनमें क्रा दादी, कुरुंग कुमेय, पूर्वी कामेंग, पश्चिमी कामेंग, पापुम पारे, निचला सुबनसिरी, और ऊपरी सुबनसिरी जिले शामिल हैं।

प्रश्न: न्योकुम युलो उत्सव किस जनजाति से संबंधित है?

(a) आदिवासी जनजाति

(b) न्यीशी जनजाति

(c) बोडो जनजाति

(d) गारो जनजाति

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