यह भी जानें
न्यीशी जनजाति के बारे में
- परिचय : न्यीशी समुदाय अरुणाचल प्रदेश का सबसे बड़ा जातीय समूह है।
- आबादी : इस समुदाय की आबादी लगभग 3,00,000 है।
- धर्म: वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार, 31% न्यीशी ईसाई धर्म जबकि 29% हिंदू धर्म का पालन करते हैं।
- अन्य लोग अपने स्थानीय धर्म, डोनी पोलो का पालन करते हैं, इस धर्म में सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) को दिव्य सत्ता के रूप में पूजते हैं।
- वितरण: यह अरुणाचल प्रदेश के निम्न जिलों में फैले हैं : क्रा दादी, कुरुंग कुमेय, पूर्वी कामेंग, पश्चिमी कामेंग, पापुम पारे, केई पन्योर, लोअर सुबनसिरी, कामले व पक्के केसांग जिले।
- यह असम के सोनितपुर और उत्तरी लखीमपुर जिलों में भी रहते हैं।
- भाषा: न्यीशी भाषा सिनो-तिब्बती परिवार से संबंधित है।
- सामाजिक प्रथा : इस समुदाय में बहुविवाह प्रचलित है। पितृवंशीय प्रथाओं का पालन करने के साथ ही महिलाओं का सम्मान किया जाता है।
- आजीविका: यह झूम कृषि करते हैं, जिसे न्यीशी में ‘रेट रुंग-ओ’ कहा जाता है।
|