नई दिल्ली में 'हमारी परंपरा हमारी विरासत' पहल के तहत एक दिवसीय राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम आयोजित किया।
इसका आयोजन पंचायती राज मंत्रालय ने झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग के साथ मिलकर किया।
प्रमुख बिंदु:
यह कार्यक्रम नई दिल्ली के आकाशवाणी भवन परिसर स्थित रंग भवन सभागार में आयोजित किया गया।
केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल इस एक दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
झारखंड के आदिवासियों ने भगवान बिरसा मुंडा की विरासत को सम्मानित करने वाले इस कार्यक्रम में भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य:
आदिवासी विरासत को देश की संस्कृति और शासन के ढांचे में एकीकृत करना।
अनुसूचित क्षेत्रों में विभिन्न अनुसूचित जनजाति समुदायों की पारंपरिक शासन प्रणालियों से जुड़े सांस्कृतिक विरासत, लोक गीत, त्योहारों और पूजा पद्धतियों को संरक्षित, संवर्धित और भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना।
झारखंड के 20,300 गांवों के जीवंत इतिहास और सांस्कृतिक प्रथाओं का दस्तावेजीकरण करना।
विरासत संरक्षण को सहभागी शासन के साथ एकीकृत करके चर्चाओं को आगे बढ़ाना।
1 अप्रैल, 2025 को मनाए गए सरहुल महोत्सव ने इस पहल के लिए मंच तैयार किया।
हमारी परंपरा हमारी विरासत:
'हमारी परंपरा हमारी विरासत' पहल की शुरुआत 26 जनवरी, 2025 को झारखंड सरकार के पंचायती राज विभाग द्वारा की गई थी।
अब तक 2,800 गांवों ने पारंपरिक स्वशासन और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का संकल्प लिया है।
यह पहल पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा कानून) के अनुरूप है।
प्रश्न. ‘हमारी परंपरा हमारी विरासत’ कार्यक्रम का आयोजन किस मंत्रालय ने किया?