
- प्लंजिंग रीजन (Plunging Region) वह क्षेत्र होता है जहाँ कोई भी वस्तु या प्रकाश अब स्थिर कक्षा (Stable Orbit) में नहीं रह सकता।
- एक बार जब कोई वस्तु इस क्षेत्र में प्रवेश करती है, तो वह निश्चित रूप से ब्लैक होल (Black Hole) में गिरने के लिए बाध्य हो जाती है।
प्लंजिंग रीजन कहाँ स्थित होता है?
ब्लैक होल के चारों ओर कुछ महत्वपूर्ण क्षेत्र होते हैं:
- आंतरिकतम स्थिर वृत्ताकार कक्षा (Innermost Stable Circular Orbit - ISCO) – यह अंतिम सुरक्षित कक्षा होती है, जहाँ वस्तुएँ ब्लैक होल के चारों ओर चक्कर लगा सकती हैं। इसके आगे कोई स्थिर कक्षा संभव नहीं होती।
- प्लंजिंग रीजन (Plunging Region) – यह ISCO और इवेंट होराइजन (Event Horizon) के बीच का क्षेत्र होता है। इस क्षेत्र में गुरुत्वाकर्षण (Gravity) इतना शक्तिशाली होता है कि कोई भी वस्तु स्थिर नहीं रह सकती और इसे अंततः ब्लैक होल में गिरना ही पड़ता है।
- इवेंट होराइजन (Event Horizon) – यह "नो रिटर्न पॉइंट (Point of No Return)" होता है। एक बार कोई वस्तु इसे पार कर ले, तो वह कभी बाहर नहीं आ सकती—यहाँ तक कि प्रकाश (Light) भी नहीं।
ISCO और प्लंजिंग रीजन की दूरी
प्लंजिंग रीजन का आकार इस बात पर निर्भर करता है कि ब्लैक होल घूर्णन (Rotation) कर रहा है या नहीं:
गैर-घूर्णनशील (Schwarzschild) ब्लैक होल के लिए:
- ISCO = ब्लैक होल के श्वार्ज़स्चिल्ड त्रिज्या (Schwarzschild Radius - Rₛ) का 3 गुना (3Rₛ)
- इवेंट होराइजन = 1Rₛ
- प्लंजिंग रीजन = 3Rₛ और 1Rₛ के बीच
घूर्णनशील ब्लैक होल के लिए:
- यदि ब्लैक होल तेज़ी से घूम रहा है, तो ISCO इवेंट होराइजन के अधिक करीब आ जाता है।
- अत्यधिक घूर्णन (Extreme Spin) की स्थिति में, ISCO केवल 1Rₛ तक आ सकता है, जिससे प्लंजिंग रीजन बहुत छोटा हो जाता है।
प्लंजिंग रीजन में क्या होता है?
- वस्तुएँ अंदर की ओर गिरती हैं (Objects Spiral Inward) – अब कोई स्थिर कक्षा संभव नहीं होती, केवल ब्लैक होल में सीधा गिराव होता है।
- उच्च-ऊर्जा विकिरण (High-Energy Radiation) – इस क्षेत्र में पदार्थ प्रकाश की गति (Speed of Light) के करीब पहुँच जाता है, जिससे शक्तिशाली एक्स-रे (X-rays) और गामा किरणें (Gamma Rays) उत्पन्न होती हैं।
- फ़्रेम ड्रैगिंग (Frame Dragging - यदि ब्लैक होल घूम रहा हो) – यदि ब्लैक होल घूर्णनशील (Rotating) है, तो यह स्पेस-टाइम (Space-Time) को घुमा देता है, जिससे वस्तुएँ और तेज़ी से खिंचने लगती हैं।
- गुरुत्वीय तरंगों का उत्सर्जन (Gravitational Wave Emission) – यदि कोई न्यूट्रॉन तारा (Neutron Star) या व्हाइट ड्वार्फ (White Dwarf) ब्लैक होल में गिरता है, तो वह प्लंजिंग रीजन में प्रवेश करते समय शक्तिशाली गुरुत्वीय तरंगें (Gravitational Waves) उत्पन्न करता है।
प्लंजिंग रीजन क्यों महत्वपूर्ण है?
- ब्लैक होल कैसे पदार्थ निगलते हैं, इसे समझने में मदद करता है।
- ब्लैक होल का पता लगाने (Black Hole Detection) में सहायक है।
- आइंस्टीन के सामान्य सापेक्षता सिद्धांत (Einstein’s General Relativity) का परीक्षण करने का यह सबसे अच्छा स्थान है।