(प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिक घटनाक्रम, आर्थिक एवं सामाजिक विकास, सामाजिक क्षेत्र में की गई पहल आदि) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: कृषि उत्पाद का भंडारण, परिवहन तथा विपणन, संबंधित विषय व बाधाएँ; किसानों की सहायता के लिये ई-प्रौद्योगिकी, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष कृषि सहायता तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य से संबंधित विषय) |
संदर्भ
प्रधानमंत्री मोदी ने बिहार के भागलपुर से पीएम-किसान योजना के तहत 9.8 करोड़ किसानों को ₹22,000 करोड़ से अधिक की 19वीं क़िस्त जारी की।
पीएम-किसान योजना के बारे में
- यह एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना है जिसे फरवरी 2019 में प्रधानमंत्री द्वारा भूमि-धारक किसानों की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए शुरू किया गया था।
- इस योजना के तहत, किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डी.बी.टी.) मोड के माध्यम से तीन समान किस्तों में प्रति वर्ष 6,000 रुपए का वित्तीय लाभ हस्तांतरित किया जाता है।
पीएम-किसान योजना के उद्देश्य
- लघु एवं सीमांत किसानों (SMF) की आय बढ़ाना
- प्रत्येक फसल चक्र के अंत में अनुमानित कृषि आय के अनुरूप उचित फसल स्वास्थ्य और उपयुक्त पैदावार सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न इनपुट की खरीद में एस.एम.एफ. की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करना
प्रौद्योगिकीय प्रगति
इस योजना को अधिक कुशल, प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से किसान-केंद्रित डिजिटल बुनियादी ढांचे में निरंतर सुधार किया गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ बिना किसी बिचौलिए की भागीदारी के देश भर के सभी किसानों तक पहुंच सके। पीएम-किसान मोबाइल ऐप 24 फरवरी, 2020 को लॉन्च किया गया था।
पीएम-किसान योजना की उपलब्धियां
- योजना के प्रारंभ से भारत सरकार ने 18 किस्तों में 3.46 लाख करोड़ रुपए से अधिक का वितरण किया है।
- नवंबर 2023 में विकसित भारत संकल्प यात्रा के तहत एक महत्वपूर्ण संतृप्ति अभियान शुरू किया गया, जिसके तहत इस योजना में 1 करोड़ से अधिक पात्र किसानों को जोड़ा गया।
- जून 2024 में नई सरकार के पहले 100 दिनों के भीतर अतिरिक्त 25 लाख किसानों को शामिल किया गया। परिणामस्वरूप, 18वीं किस्त पाने वाले लाभार्थियों की संख्या बढ़कर 9.59 करोड़ हो गई।
- इस योजना की पहुँच विभिन्न राज्यों में व्यापक है। उदाहरण के लिए, 18वीं किस्त (अगस्त 2024 - नवंबर 2024) के दौरान, उत्तर प्रदेश में लाभार्थियों की सर्वाधिक संख्या 2,25,78,654 थी। उसके बाद बिहार का स्थान था।
पीएम-किसान योजना का प्रभाव
- अंतर्राष्ट्रीय खाद्य नीति अनुसंधान संस्थान (IFPRI) के एक स्वतंत्र अध्ययन के अनुसार,
- पीएम-किसान फंड ने ग्रामीण आर्थिक विकास को बढ़ावा दिया है।
- किसानों की ऋण बाधाओं को कम किया और कृषि इनपुट निवेश में वृद्धि की है।
- इस योजना ने किसानों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है जिससे उन्हें जोखिम भरे किंतु तुलनात्मक रूप से अधिक उत्पादक निवेश में मदद मिली है।