सरस आजीविका मेला- 2025 का आयोजन 21 फरवरी से 10 मार्च तक नोएडा के शिल्प हाट में किया जा रहा है।
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सरस आजीविका मेला 2025
- उद्देश्य : ग्रामीण कारीगरों और शिल्पकारों को उनकी आजीविका और समावेशी विकास को बढ़ावा देने में मदद करना
- महत्व : 'वोकल फॉर लोकल' अभियान और वर्ष 2047 तक ‘विकसित भारत' के विजन को बढ़ावा देना
- संस्करण : पाँचवाँ
- आयोजक : ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास और पंचायती राज संस्थान के सहयोग से
- वर्ष 2025 के लिए थीम : “लखपति दीदी की निर्यात क्षमता का विकास”
- इसमें 400 से अधिक लखपति दीदी अपने उत्पादों के साथ शामिल होंगी।
मेले में विभिन्न राज्यों द्वारा प्रदर्शित किए जाने वाले उत्पाद
- आंध्र प्रदेश की कलमकारी
- छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ी
- गुजरात की भारत गुंथन एवं पैचवर्क
- मध्य प्रदेश से चंदेरी एवं बाग प्रिंट
- मेघालय से एरी उत्पाद
- ओडिशा से टसर एवं बंधा
- उत्तराखंड से पश्मीना
- पश्चिम बंगाल से कांथा, बाटिक प्रिंट, तांत एवं बालूचरी