डॉक्टरों ने पहली बार गर्भ में स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी नामक आनुवंशिक विकार का उपचार किया है। इस उपचार का परिणाम न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है।
स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी (SMA)
- क्या है : यह एक आनुवंशिक स्थिति है जो गति को नियंत्रित करने वाले मोटर न्यूरॉन्स को प्रभावित करती है तथा मांसपेशियों को धीरे-धीरे कमजोर बनाती है।
- कारण : यह स्थिति सर्वाइवल मोटर न्यूरॉन जीन (SMN1) में उत्परिवर्तन के कारण होती है जो रीढ़ की हड्डी में मोटर न्यूरॉन्स के अस्तित्व के लिए महत्वपूर्ण प्रोटीन की कमी का कारण बनती है।
- इसके अलावा यह माता-पिता से विरासत में मिले जीन के कारण भी होता है।
स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी के लक्षण
- आर्थ्रोग्राइपोसिस (किसी जोड़ का टेढ़ापन)
- श्वास संबंधी गंभीर समस्याएँ
- स्कोलियोसिस (रीढ़ की अस्थि का असामान्य टेढ़ापन)
- मांसपेशियों में संकुचन का अनुभव
स्पाइनल मस्कुलर अट्रोफी का निदान
- रक्त परीक्षण : जीन के उत्परिवर्तन या विलोपन (Deletation) की जांच के लिए
- इलेक्ट्रोमायोग्राफी : संकुचन एवं विश्राम के दौरान मांसपेशियों की विद्युत गतिविधि को रिकॉर्ड करने के लिए
- नर्व कंडक्शन वेलॉसिटी : तंत्रिका की विद्युत संकेत भेजने की क्षमता का मापन
- यह परीक्षण मापता है कि विद्युत आवेग किसी की तंत्रिका से कितनी तेजी से गुजरता है।
- मांसपेशी बायोप्सी : SMA के समान लक्षणों वाली अन्य स्थितियों का निदान
- दुर्लभता : नेचर जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, लगभग प्रत्येक 10,000 जन्मों में से एक में यह स्थिति किसी-न-किसी रूप में पाई जाती है जिससे यह शिशुओं एवं बच्चों में मृत्यु का एक प्रमुख अनुवांशिक कारण बन जाता है।
गर्भ में SMA का उपचार
- डॉक्टरों ने उपचार के लिए रिसडिप्लम नामक एक ओरल दवा का उपयोग किया जो SMA की प्रगति को धीमा करने के लिए रोगियों को दी जाती है।
- न्यू एटलस रिपोर्ट के अनुसार, रिसडिप्लम आमतौर पर जन्म के तुरंत बाद रोगी को दिया जाता है किंतु इस नए परीक्षण में वैज्ञानिकों ने पहली बार जन्म से पहले दवा देने का फैसला किया।
- उपचार के बाद गर्भ में बच्ची की तंत्रिका क्षति का स्तर कम था और 30 महीने बाद भी उसकी मांसपेशियों का विकास सामान्य था।