(प्रारंभिक परीक्षा : योजनाएं एवं कार्यक्रम) |
चर्चा में क्यों
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम (VVP) के दूसरे चरण को मंजूरी दे दी है।
वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम II
- परिचय : यह अन्तर्रष्ट्रीय सीमाओं से सटे गावों के व्यापक विकास पर केन्द्रित एक केन्द्रीय क्षेत्र की योजना है। जिसका पूर्ण वित्तपोषण केन्द्र सरकार द्वारा किया जाएगा।
- वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (VVP) की शुरुआत 15 फरवरी, 2023 को केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में की गई थी।
- उद्देश्य :
- समृद्ध और सुरक्षित सीमाओं को सुनिश्चित करना
- सीमा पार अपराध नियंत्रण
- सीमावर्ती आबादी को राष्ट्र के साथ आत्मसात करने और उन्हें 'सीमा सुरक्षा बलों की आंख और कान' के रूप में विकसित करना
- बेहतर जीवन स्थितियां और पर्याप्त आजीविका के अवसर पैदा करना
- समयावधि : वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक
- परिव्यय : 6,839 करोड़ रुपये
- नोडल मंत्रालय : गृह मंत्रालय
- दायरा : यह कार्यक्रम वी.वी.पी.-I के तहत पहले से ही कवर किये गये गांवों को छोड़कर अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे ब्लॉकों में स्थित गांवों के व्यापक विकास को बढ़ावा देगा।
- विषयगत क्षेत्र :
- बारहमासी सड़क संपर्क
- दूरसंचार संपर्क
- टेलीविजन संपर्क
- विद्युतीकरण
- शामिल राज्य एवं केन्द्र-शासित प्रदेश : कार्यक्रम के तहत अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गुजरात, जम्मू और कश्मीर, लद्दाख, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, त्रिपुरा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के चुने हुए रणनीतिक गांवों को शामिल किया जायेगा।
कार्यक्रम के तहत शामिल गतिविधियां
- गांव या गांवों के समूह के भीतर बुनियादी ढांचे के विकास
- सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों आदि के माध्यम से मूल्य श्रृंखला विकास
- सीमा विशिष्ट आउटरीच गतिविधियां
- स्मार्ट कक्षाओं जैसे शिक्षा बुनियादी ढांचे का विकास
- पर्यटन सर्किट का विकास
- सीमावर्ती क्षेत्रों में विविध और टिकाऊ आजीविका के अवसर सृजित करना
कार्यक्रम की अन्य प्रमुख विशेषताएं
- कार्यक्रम के तहत विभिन्न हस्तक्षेप सीमा-विशिष्ट, राज्य और गांव-विशिष्ट होंगे, जो सहयोगात्मक दृष्टिकोण से तैयार ग्राम कार्य योजनाओं पर आधारित होंगे।
- गांवों के लिए बारहमासी सड़क संपर्क ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत पहले से स्वीकृत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY-IV) के तहत किया जाएगा।
- कार्यक्रम के तहत मेले और त्यौहार, जागरूकता शिविर, राष्ट्रीय दिवसों का उत्सव, मंत्रियों, केंद्र और राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों द्वारा नियमित दौरे और रात्रि विश्राम जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
- जिससे पर्यटन की संभावना बढ़ेगी और इन गांवों की स्थानीय संस्कृति और विरासत को बढ़ावा मिलेगा।
- परियोजना के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाते हुए पीएम गति शक्ति जैसे सूचना डेटाबेस का उपयोग किया जाएगा।