आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू द्वारा तेलुगु नव वर्ष उगादी के अवसर पर ‘स्वर्ण आंध्र विजन 2047’ के तहत ‘शून्य गरीबी– पी4’ पहल का शुभारंभ किया गया। स्वर्ण आंध्र विजन 2047 का उद्देश्य समृद्ध, स्वस्थ एवं खुशहाल आंध्र प्रदेश बनाना है। शून्य गरीबी इस विजन के दस सिद्धांतों में से एक है।
शून्य गरीबी– पी4 पहल के बारे में
- क्या है : यह आंध्र प्रदेश राज्य में गरीबी उन्मूलन हेतु एक स्वैच्छिक पहल है, जिसका लक्ष्य राज्य की सबसे धनी 10% आबादी को सबसे गरीब 20% परिवारों की सहायता करने के लिए प्रोत्साहित करके सामजिक-आर्थिक विभाजन को कम करना है।
- उद्देश्य : आंध्र प्रदेश राज्य को वर्ष 2029 तक गरीबी मुक्त बनाना।
- पी4 का अर्थ : ‘पब्लिक-प्राइवेट-पीपल पार्टनरशिप’ (Public-Private-People Partnership)
प्रमुख विशेषताएँ
- इस पहल में योगदान देने के इच्छुक संपन्न व्यक्तियों को ‘मार्गदर्शक’ (संरक्षक) के रूप में नामित किया जाता है, जबकि वंचित लाभार्थियों की पहचान ‘बंगारू कुटुंबम’ (स्वर्णिम परिवार) के रूप में की जाती है।
- यह पहल अद्वितीय है क्योंकि यह मार्गदर्शकों और स्वर्णिम परिवारों के बीच सीधे संपर्क के लिए एक संस्थागत मंच प्रदान करती है।
- यह पहल स्वर्णिम परिवारों को वित्तीय सहायता, सलाह और समग्र विकास सहायता प्रदान करने के लिए प्रोत्साहित करता है।
- सरकार ने ग्राम सभाओं के माध्यम से 30 लाख परिवारों की पहचान कर ली है, जिससे लक्षित सहायता सुनिश्चित हो सके।
- सरकार डिजिटल बोर्ड के माध्यम से प्रगति की वास्तविक समय पर ट्रैकिंग सुनिश्चित करते हुए एक सुविधाकर्ता के रूप में कार्य करेगी।