New
GS Foundation (P+M) - Delhi: 26 March, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj: 30 March, 10:30 AM Call Our Course Coordinator: 9555124124 Request Call Back GS Foundation (P+M) - Delhi: 26 March, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj: 30 March, 10:30 AM Call Our Course Coordinator: 9555124124 Request Call Back

ज़ीका वायरस: (Zika Virus: A Silent Threat)

ज़ीका वायरस क्या है?

  • ज़ीका वायरस एक मच्छर-जनित फ्लैविवायरस (Flavivirus) है, जो जन्मजात विकार (congenital disorders) और तंत्रिका संबंधी जटिलताओं (neurological complications) से जुड़ा हुआ है।
  • पहली बार 1947 में युगांडा (Uganda) में पहचाना गया, लेकिन अब यह कई देशों में फैल चुका है।
  • यह घातक (fatal) नहीं है, लेकिन माइक्रोसिफ़ैली (Microcephaly - असामान्य रूप से छोटे सिर वाला जन्मजात विकार) और गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome - GBS, एक न्यूरोलॉजिकल विकार) से जुड़ा हुआ है।

ज़ीका वायरस कैसे फैलता है? (How Does Zika Spread?)

एडीज़ मच्छर (Aedes Mosquito)

  • ज़ीका वायरस मुख्य रूप से एडीज़ एजिप्टी (Aedes aegypti) और एडीज़ ऐल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) मच्छरों द्वारा फैलता है।
  • ये वही मच्छर हैं जो डेंगू (Dengue) और चिकनगुनिया (Chikungunya) फैलाते हैं।
  • ये दिन में काटते हैं, जिससे पारंपरिक मच्छरदानी (mosquito nets) अप्रभावी हो जाती हैं।

अन्य संक्रमण मार्ग (Other Transmission Modes)

  • माँ से भ्रूण (Mother-to-Fetus): गर्भवती महिलाएँ ज़ीका वायरस गर्भस्थ शिशु (unborn child) को पहुँचा सकती हैं, जिससे जन्म दोष (birth defects) हो सकते हैं।
  • यौन संपर्क (Sexual Transmission): ज़्यादातर मच्छर-जनित बीमारियों के विपरीत, ज़ीका वायरस असुरक्षित यौन संबंध (unprotected sex) के माध्यम से भी फैल सकता है।
  • रक्त संक्रमण और अंग प्रत्यारोपण (Blood Transfusion & Organ Transplantation): संक्रमित रक्त या अंग वायरस फैला सकते हैं।

ज़ीका वायरस क्यों खतरनाक है? (Why Zika is Dangerous)

माइक्रोसिफ़ैली (Microcephaly)

  • ज़ीका संक्रमित माताओं के शिशुओं में माइक्रोसिफ़ैली (Microcephaly) हो सकता है।
  • माइक्रोसिफ़ैली: एक ऐसी स्थिति जिसमें मस्तिष्क का विकास ठीक से नहीं होता, जिससे आजीवन बौद्धिक (cognitive) और विकास संबंधी (developmental) समस्याएँ हो सकती हैं।
  • कोई इलाज उपलब्ध नहीं है, इसलिए रोकथाम (prevention) ही एकमात्र उपाय है।

तंत्रिका संबंधी विकार (Neurological Disorders)

  • गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (Guillain-Barré Syndrome - GBS):
    • ज़ीका वायरस तंत्रिका तंत्र (nervous system) पर हमला कर सकता है, जिससे अस्थायी लकवा (temporary paralysis) हो सकता है।
  • न्यूरोपैथी (Neuropathy) और माइलाइटिस (Myelitis):
    • यह नसों को नुकसान (nerve damage) और रीढ़ की हड्डी में सूजन (spinal cord inflammation) पैदा कर सकता है।

ज़ीका वायरस का पता कैसे लगाया जाता है? (How is Zika Detected?)

RT-PCR (Reverse Transcription Polymerase Chain Reaction)

  • इस टेस्ट से ज़ीका वायरस RNA को रक्त (blood), मूत्र (urine) या लार (saliva) के नमूनों में पहचाना जाता है।
  • उच्च सटीकता (Highly specific) लेकिन सिर्फ प्रारंभिक संक्रमण चरण (early infection stage) में प्रभावी होता है।

सीरोलॉजिकल टेस्ट (Serological Tests)

  • ये टेस्ट शरीर में ज़ीका से लड़ने के लिए बने एंटीबॉडीज़ (antibodies) का पता लगाते हैं।
  • एंटीबॉडी आमतौर पर लक्षण शुरू होने के एक हफ्ते बाद बनते हैं, जिससे यह टेस्ट शुरुआती संक्रमण का पता लगाने में कम प्रभावी हो सकता है।

ज़ीका वायरस को नियंत्रित करना चुनौती क्यों है? (Why is it a Challenge?)

  • लक्षणों में समानता: ज़ीका वायरस के लक्षण डेंगू (Dengue) और चिकनगुनिया (Chikungunya) से मिलते-जुलते हैं, जैसे बुखार (fever), त्वचा पर चकत्ते (rash) और जोड़ो में दर्द (joint pain), जिससे इसका सही पहचानना मुश्किल हो जाता है।

वैश्विक एवं राष्ट्रीय प्रयास (Global & National Efforts to Combat Zika)

वैश्विक पहल (Global Initiatives)

WHO का ज़ीका स्ट्रैटेजिक रिस्पॉन्स प्लान (Zika Strategic Response Plan)

  • मच्छरों पर नियंत्रण (Mosquito control)
  • सर्विलांस (Surveillance) और टीका (Vaccine) अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित

PAHO (Pan American Health Organization) कार्यक्रम

  • लैटिन अमेरिका और कैरेबियाई देशों को प्रकोप नियंत्रण रणनीति (Outbreak response strategy) में सहायता।

भारत में ज़ीका नियंत्रण के प्रयास (India’s Approach)

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBDCP - National Vector Borne Disease Control Program)

  • डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया और ज़ीका जैसी बीमारियों को एकीकृत दृष्टिकोण (Integrated Approach) से नियंत्रित करने की योजना।

ICMR (Indian Council of Medical Research) और NIV (National Institute of Virology) द्वारा निगरानी

  • प्रभावित क्षेत्रों में रैपिड रिस्पॉन्स टीमें (RRTs - Rapid Response Teams) तैनात।

भारत में हाल के प्रकोप (Recent Outbreaks in India)

  • केरल, गुजरात, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में ज़ीका के मामले सामने आए।
  • सख्त नियंत्रण उपाय (Strict containment measures) और परीक्षण प्रोटोकॉल लागू किए गए।

ज़ीका वायरस नियंत्रण में चुनौतियाँ (Challenges in Zika Virus Control)

  • टीके और विशिष्ट उपचार की कमी (Lack of a Vaccine & Specific Treatment)
    • ज़ीका वायरस के लिए अभी तक कोई प्रभावी टीका (Vaccine) या विशेष उपचार उपलब्ध नहीं है।
    • रोकथाम (Prevention) ही एकमात्र रणनीति है।
  • मुश्किल डायग्नोसिस (Difficult Diagnosis)
    • डेंगू (Dengue) और ज़ीका के लक्षण मिलते-जुलते हैं, जिससे जांच में जटिलता (Cross-reactivity) बढ़ जाती है।
  • जलवायु परिवर्तन और शहरीकरण (Climate Change & Urbanization)
    • बढ़ते तापमान और अर्बन डेवलपमेंट से मच्छरों के प्रजनन (Breeding) के लिए अनुकूल वातावरण बनता है।

आगे की राह (Way Forward)

टीका अनुसंधान और विकास में तेजी (Accelerate Vaccine Research & Development)

  • नए टीकों (Vaccines) के विकास पर अनुसंधान को प्राथमिकता देना।

वैश्विक निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया प्रणाली को मजबूत करना (Strengthen Global Surveillance & Rapid Response Mechanisms)

  • विश्व स्तर पर ज़ीका के प्रसार की निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया योजनाओं को लागू करना।

मच्छर नियंत्रण और जन जागरूकता अभियान (Promote Mosquito Control & Public Awareness Campaigns)

  • मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के उपाय अपनाना।
  • ज़ीका वायरस से बचाव के लिए लोगों को शिक्षित करना।

वैश्विक भागीदारी को प्रोत्साहित करना (Encourage Global Partnerships for Disease Management)

  • अंतर्राष्ट्रीय संगठनों और देशों के बीच सहयोग बढ़ाकर बेहतर रोग नियंत्रण रणनीति विकसित करना।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR