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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 4th May 2026, 5:30PM

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. ट्रॉफिक कैस्केड (Trophic Cascade)

23-Oct-2025

ट्रॉफिक कैस्केड एक पारिस्थितिक प्रक्रिया है जिसमें किसी खाद्य जाल के उच्च ट्रॉफिक स्तर (विशेष रूप से शीर्ष शिकारी) में परिवर्तन होने पर नीचे के स्तरों की प्रजातियों की संख्या, संरचना और उत्पादकता पर श्रृंखलाबद्ध प्रभाव पड़ता है। यह प्रक्रिया पारिस्थितिक संतुलन, जैव विविधता और पारिस्थितिक तंत्र की स्थिरता को गहराई से प्रभावित करती है।

2. शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव (Urban Heat Island Effect )

18-Oct-2025

शहरी ऊष्मा द्वीप प्रभाव वह स्थानीय जलवायु घटना है, जिसमें शहर या नगरीय क्षेत्र अपने आसपास के ग्रामीण या वन क्षेत्र की तुलना में अधिक गर्म हो जाते हैं। यह मुख्यतः कंक्रीट, ऐस्फाल्ट और अन्य मानवजनित सतहों द्वारा सूरज की ऊर्जा का अवशोषण, ऊष्मा का उत्सर्जन, कम हरित क्षेत्र और वाहन व औद्योगिक गतिविधियों के कारण होता है। इसके परिणामस्वरूप गर्मी की तीव्रता बढ़ती है और ऊर्जा खपत, प्रदूषण तथा स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

3. सूक्ष्म प्लास्टिक (Microplastics)

17-Oct-2025

सूक्ष्म प्लास्टिक ऐसे छोटे प्लास्टिक कण या टुकड़े जो 5 मिलीमीटर से छोटे होते हैं और प्राकृतिक जल, मिट्टी या हवा में व्यापक रूप से पाए जाते हैं। ये मुख्यतः बड़े प्लास्टिक के टूटने, कपड़ों, पैकेजिंग और औद्योगिक उत्पादों से उत्पन्न होते हैं। ये पारिस्थितिकी तंत्र में संग्रहित होकर मछलियों, पक्षियों तथा मानव स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।

4. जैव आवर्धन (Bioamplification)

16-Oct-2025

जैव आवर्धन वह प्रक्रिया है, जिसमें किसी विषैले पदार्थ (जैसे की भारी धातु या कीटाणुनाशक रसायन) का स्तर एक पारिस्थितिकी तंत्र में खाद्य श्रृंखला के ऊपरी स्तरों में बढ़ता है। यह ऊपरी खाद्य उपभोक्ताओं में अधिक मात्रा में जमा हो जाता है, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकते हैं। जैव आवर्धन पर्यावरणीय और मानवीय स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह जैविक तंत्र में विषाक्त पदार्थों के संचय को बढ़ाता है।

5. जैव संचयन (Bioaccumulation)

15-Oct-2025

जैव संचयन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें विषाक्त पदार्थ, जैसे कीटनाशक और भारी धातु, समय के साथ किसी जीव के शरीर में जमा होते हैं। यह तब होता है जब जीव इन हानिकारक रसायनों को उस दर से अधिक तेज़ी से अवशोषित करता है जिस दर से वे उनके शरीर से बाहर निकलते हैं या क्षय होते हैं।

6. ट्रीलाइन (Tree Line)

14-Oct-2025

ट्रीलाइन वह भौगोलिक रेखा या ऊँचाई है, जिसके ऊपर प्राकृतिक रूप से पेड़ नहीं उग सकते हैं। यह तापमान, वर्षा, मिट्टी और जलवायु परिस्थितियों द्वारा निर्धारित होती है और उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में वन क्षेत्र की सीमा का संकेत देती है। ट्रीलाइन से ऊपर केवल झाड़ियाँ, घास और छोटे पौधे ही विकसित हो सकते हैं।

7. सोनिक बूम (Sonic Boom)

13-Oct-2025

सोनिक बूम वह तेज़ ध्वनि है जो तब उत्पन्न होती है जब कोई वस्तु ध्वनि की गति (सोनिक स्पीड) से तेज़ होकर हवा में गति करती है। इससे एक तेज़ धमाके जैसी आवाज़ पैदा होती है, जो वायुमंडल में वस्तु के पीछे के दबाव के कारण होती है। यह घटना मुख्यतः जेट विमान या उच्च गति वाली वस्तुओं के दौरान देखी जाती है।

8. लोटिक पारिस्थितिकी (Lotic Ecology)

10-Oct-2025

लोटिक पारिस्थितिकी बहते हुए जल जैसे नदियों, धाराओं और झरनों के पारिस्थितिक तंत्र को कहते हैं। यह इन वातावरणों में रहने वाले जीवों (जैसे मछली, कीट, शैवाल) और उनके भौतिक व रासायनिक परिवेश (जैसे जल प्रवाह, तापमान, ऑक्सीजन स्तर) के बीच के संबंधों पर केंद्रित है।

9. लेंटिक इकोसिस्टम (Lentic Ecosystem)

09-Oct-2025

लेंटिक इकोसिस्टम स्थिर या धीमी गति वाले जल निकायों जैसे झील, तालाब और पोखर में पाया जाने वाला पारिस्थितिकी तंत्र है। इसमें जल, तलछट, जलजीव, वनस्पति और सूक्ष्मजीव परस्पर क्रियाशील होते हैं। जल की सीमित गति के कारण पारिस्थितिक प्रक्रियाएँ संतुलित और दीर्घकालिक होती हैं।

10. ग्रीन मफ़लर  (Green Muffler)

08-Oct-2025

ग्रीन मफ़लर ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने की एक तकनीक है। इसके तहत सड़कों, औद्योगिक क्षेत्रों और रिहायशी इलाकों के पास घने पेड़-पौधों लगाए जाते हैं। ये सघन वृक्ष ध्वनि तरंगों को अवशोषित और अवरुद्ध करके शोर को लोगों तक पहुँचने से रोकते हैं। यह एक प्रभावी और पर्यावरण-अनुकूल 'ध्वनि अवरोधक' के रूप में कार्य करता है।

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