पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।
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22-Aug-2026
सीताध्यक्ष मौर्य प्रशासन में कृषि विभाग का प्रमुख अधिकारी था। यह राजकीय कृषि भूमि की देखरेख, खेती की व्यवस्था, बीजों के चयन, सिंचाई और फसल उत्पादन का प्रबंधन करता था। कौटिल्य के अर्थशास्त्र में सीताध्यक्ष के कर्तव्यों और कृषि प्रशासन से संबंधित कार्यों का उल्लेख मिलता है।
20-Aug-2026
उपोसथ बौद्ध धर्म में प्रत्येक पक्ष की चतुर्दशी, पूर्णिमा और अष्टमी को मनाया जाने वाला धार्मिक अनुष्ठान है। इस दिन भिक्षु और उपासक उपवास, ध्यान, प्रार्थना तथा धर्म-श्रवण करते हैं। भिक्षु अपने नियमों का पाठ और आत्मनिरीक्षण करते हैं। उपोसथ का मुख्य उद्देश्य आत्मसंयम, मन की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति है।
19-Aug-2026
विजयनगर साम्राज्य की एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक एवं सैन्य व्यवस्था थी। इसमें नायकों या अधिकारियों को वेतन के बदले भू-क्षेत्र (अमरम्) दिया जाता था। वे उस क्षेत्र से राजस्व वसूलते थे और बदले में राजा को सैनिक उपलब्ध कराते तथा प्रशासनिक कार्य संभालते थे।
18-Aug-2026
गाँवों में कुछ विशेष सेवाएँ देने वाले लोगों को उनके कार्य के बदले लगान से मुक्त भूमि प्रदान की जाती थी। ऐसी भूमि देने की इस भूमि-धारण व्यवस्था को उंबलि कहा जाता था।
14-Aug-2026
स्काईग्लो कृत्रिम रोशनी से उत्पन्न वह चमक है जो रात के समय आकाश में दिखाई देती है। यह मुख्यतः शहरों, सड़कों, भवनों और औद्योगिक क्षेत्रों में जलने वाली कृत्रिम रोशनी के कारण होता है। प्रकाश जब वायुमंडल में धूल, गैसों और सूक्ष्म कणों से टकराता है, तो विभिन्न दिशाओं में फैल जाता है, जिससे आकाश का प्राकृतिक अंधकार कम हो जाता है और तारों की दृश्यता घटती है।
11-Aug-2026
मुग़लकालीन भू-राजस्व व्यवस्था (दहसाला प्रणाली) के अंतर्गत पोलज वह सर्वोत्तम और सर्वाधिक उपजाऊ कृषि भूमि थी, जिस पर प्रतिवर्ष बिना किसी विश्राम या रुकावट के नियमित रूप से खेती की जाती थी। इस भूमि पर साल में कम से कम दो फसलें बोई जाती थीं और इसे कभी भी खाली (परती) नहीं छोड़ा जाता था।
10-Aug-2026
फुबिंग वह व्यवहार है जिसमें कोई व्यक्ति अपने साथ उपस्थित लोगों की उपेक्षा करके मोबाइल फोन या अन्य डिजिटल उपकरणों में व्यस्त रहता है। यह शब्द "फोन (Phone)" और "स्नबिंग (Snubbing)" से मिलकर बना है। फुबिंग सामाजिक संबंधों, संवाद, विश्वास तथा मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और आमने-सामने के संचार की गुणवत्ता को कम करता है।
07-Aug-2026
अमरम (अमरम्) प्राचीन और मध्यकालीन भारत, विशेषकर विजयनगर साम्राज्य की प्रशासनिक व सैन्य व्यवस्था के अंतर्गत दी जाने वाली भूमि या भू-राजस्व का अनुदान था। राजा द्वारा यह भूमि अपने 'नायक' (सैन्य सरदारों) को उनके द्वारा साम्राज्य के लिए दी जाने वाली उत्कृष्ट सैन्य सेवाओं के बदले प्रदान की जाती थी। इस भूमि से प्राप्त राजस्व का उपयोग सैनिक अपनी टुकड़ी के रखरखाव और क्षेत्रीय शासन चलाने के लिए करते थे।
06-Aug-2026
संवर जैन दर्शन का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत है, जिसका अर्थ है कर्मों के नए बंधन को रोकना। जब व्यक्ति अपने मन, वचन और कर्म को संयमित रखकर राग, द्वेष, क्रोध, लोभ और मोह जैसे विकारों पर नियंत्रण करता है, तब नए कर्म आत्मा से नहीं जुड़ते। यही अवस्था संवर कहलाती है, जो मोक्ष प्राप्ति की दिशा में एक आवश्यक साधन मानी जाती है।
03-Aug-2026
तनियूर दक्षिण भारत, विशेषकर चोल काल में, ऐसा विशेष गाँव था जिसे प्रशासनिक और राजस्व संबंधी मामलों में अन्य गाँवों से अलग स्वतंत्र दर्जा प्राप्त होता था। ऐसे गाँव प्रायः ब्राह्मण बस्तियाँ (ब्राह्मदेय) होते थे और उनका शासन स्थानीय सभा द्वारा संचालित किया जाता था। उन्हें कर, भूमि प्रबंधन तथा न्यायिक मामलों में पर्याप्त स्वायत्तता प्राप्त रहती थी।