New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें

1. पुनर्जनन (Regeneration)

09-May-2026

पुनर्जनन वह जैविक प्रक्रिया है, जिसमें जीव अपने क्षतिग्रस्त, कटे या नष्ट हुए अंगों, ऊतकों अथवा कोशिकाओं को दोबारा विकसित कर लेते हैं। यह क्षमता कुछ जीवों जैसे ऐक्सोलोटल, स्टारफिश और छिपकली में अधिक पाई जाती है। पुनर्जनन शरीर की मरम्मत, वृद्धि और जीवित रहने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2. ब्लोऑफ इफेक्ट (Blowoff Effect)

05-May-2026

ब्लोऑफ इफेक्ट वह स्थिति है जब किसी प्रणाली; जैसे दहन या तरल प्रवाह में वेग या दबाव इतना अधिक हो जाता है कि स्थिर प्रक्रिया बाधित होकर अचानक रुक जाती है। उदाहरणतः गैस बर्नर में अत्यधिक वायु प्रवाह लौ को बुझा देता है। यह प्रभाव नियंत्रण, संतुलन और दक्षता को प्रभावित करता है।

3. एंथ्रोपोजेनिक फोर्सिंग (Anthropogenic Forcing)

04-May-2026

एंथ्रोपोजेनिक फोर्सिंग वह प्रक्रिया है जिसमें मानव गतिविधियाँ जैसे औद्योगीकरण, जीवाश्म ईंधन का दहन, वनों की कटाई और शहरीकरण पृथ्वी की जलवायु प्रणाली के ऊर्जा संतुलन को प्रभावित करती हैं। इसके कारण वायुमंडल में ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा बढ़ती है, जिससे तापमान, वर्षा पैटर्न और जलवायु में दीर्घकालिक परिवर्तन होते हैं। यह जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण माना जाता है।

4. परमाणु श्रृंखला प्रतिक्रिया (Nuclear Chain Reactions)

24-Apr-2026

परमाणु श्रृंखला प्रतिक्रिया वह प्रक्रिया है जिसमें किसी भारी परमाणु (जैसे यूरेनियम) के नाभिक के विखंडन से उत्पन्न न्यूट्रॉन अन्य नाभिकों को भी विखंडित करते हैं, जिससे लगातार ऊर्जा और अधिक न्यूट्रॉन निकलते हैं। यह क्रम स्वयं चलता रहता है और नियंत्रित या अनियंत्रित रूप में अत्यधिक ऊर्जा उत्पन्न करता है।

5. यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment)

23-Apr-2026

यूरेनियम संवर्धन एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें प्राकृतिक यूरेनियम में दुर्लभ U-235 समस्थानिक (isotope) की मात्रा को कृत्रिम रूप से बढ़ाया जाता है। प्राकृतिक रूप से यूरेनियम में U-235 की मात्रा केवल 0.7% होती है, जबकि परमाणु ऊर्जा और हथियारों के लिए इसकी अधिक सांद्रता आवश्यक होती है। यह प्रक्रिया गैस सेंट्रीफ्यूज जैसी तकनीकों से की जाती है।

6. परमाणु शीतकाल (Nuclear Winter)

22-Apr-2026

परमाणु शीतकाल वह स्थिति है जब परमाणु युद्ध के बाद धुआँ, धूल और कालिख वायुमंडल में फैलकर सूर्य के प्रकाश को रोक देते हैं। इससे वैश्विक तापमान तेजी से गिरता है, वर्षा चक्र प्रभावित होता है, कृषि उत्पादन घटता है और पृथ्वी पर जीवन के लिए गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है।

7. पेट्रोग्लिफ (Petroglyph)

21-Apr-2026

पेट्रोग्लिफ प्रागैतिहासिक काल में चट्टानों या पत्थरों की सतह पर उकेरे गए चित्र, प्रतीक या नक्काशी होते हैं। इन्हें मानव द्वारा औजारों से काटकर या खुरचकर बनाया जाता था। ये उस समय के लोगों के जीवन, संस्कृति, आस्था और पर्यावरण से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करते हैं।

8. हाइड्रस इथेनॉल (Hydrous Ethanol)

20-Apr-2026

यह इथेनॉल और पानी का एक मिश्रण है, जिसमें लगभग 95% शुद्ध अल्कोहल और 5% पानी होता है। इसे आसवन (distillation) प्रक्रिया के जरिए तैयार किया जाता है और इसमें से पानी को पूरी तरह अलग नहीं किया जाता। इसका उपयोग मुख्य रूप से उन वाहनों में ईंधन के रूप में होता है जिनके इंजन इसे सीधे जलाने के लिए डिजाइन किए गए हैं।

9. फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor)

18-Apr-2026

फिटमेंट फैक्टर एक गणितीय मान (मल्टीप्लायर) है जिसका उपयोग सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन के निर्धारण में किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पिछले वेतन आयोग के मूल वेतन को नए वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के अनुसार संशोधित करना है। जब भी नया वेतन आयोग लागू होता है, पुराने मूल वेतन को इस फैक्टर से गुणा करके नया वेतन तय किया जाता है।

10. प्राइमेटोलॉजिस्ट (Primatologist)

17-Apr-2026

प्राइमेटोलॉजिस्ट वह वैज्ञानिक होता है जो प्राइमेट्स (जैसे बंदर, लंगूर, गोरिल्ला और चिम्पांजी) का अध्ययन करता है। यह उनके व्यवहार, सामाजिक संरचना, विकास, आनुवंशिकी और पर्यावरणीय संबंधों को समझने का प्रयास करता है, ताकि मानव विकास और जैव विविधता संरक्षण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सके।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR