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IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. मड-पडलिंग (Mud-puddling)

30-Mar-2026

मड-पडलिंग तितलियों और कुछ अन्य कीटों का एक व्यवहार है, जिसमें वे नम मिट्टी, कीचड़ या गड्ढों के पानी से खनिज लवण (जैसे सोडियम) और पोषक तत्व ग्रहण करते हैं। यह विशेष रूप से नर तितलियों में अधिक देखा जाता है और उनके प्रजनन व शारीरिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

2. पारिस्थितिक प्रवाह (Ecological flux)

28-Mar-2026

पारिस्थितिक प्रवाह का अर्थ है किसी पारिस्थितिकी तंत्र के जैविक और अजैविक घटकों के मध्य ऊर्जा, जल और पोषक तत्वों का निरंतर होने वाला विनिमय। इसमें सूर्य की ऊर्जा खाद्य श्रृंखला के माध्यम से प्रवाहित होती है, जबकि खनिज पदार्थ (जैसे कार्बन और नाइट्रोजन) चक्रों के रूप में पर्यावरण और जीवों के बीच घूमते रहते हैं। यह प्रवाह ही प्रकृति में संतुलन बनाए रखने और जीवन के अस्तित्व के लिए अनिवार्य है।

3. एज इफेक्ट (Edge Effect)

27-Mar-2026

पारिस्थितिकी में, जब दो अलग-अलग आवास या इकोसिस्टम (जैसे जंगल और घास के मैदान) आपस में मिलते हैं, तो उनके मिलन स्थल या सीमा क्षेत्र पर संसाधनों की प्रचुरता के कारण प्रजातियों की संख्या और विविधता सामान्य से अधिक हो जाती है। इसी जैविक घटना को 'एज इफेक्ट' कहते हैं।

4. महासागरीय अम्लीकरण (Ocean Acidification)

26-Mar-2026

महासागरीय अम्लीकरण वह प्रक्रिया है जिसमें वायुमंडल की कार्बन डाइऑक्साइड समुद्र के पानी में घुलकर कार्बोनिक अम्ल बनाती है, जिससे समुद्री जल का pH घटता है। इसके कारण प्रवाल, शंख-घोंघे और अन्य कैल्शियम युक्त जीवों के खोल बनने में कठिनाई होती है और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित होता है।

5. ट्राइबोलॉजी  (Tribology)

25-Mar-2026

ट्राइबोलॉजी वह विज्ञान है जिसमें दो सतहों के आपसी संपर्क के दौरान उत्पन्न होने वाले घर्षण, घिसाव और स्नेहन का अध्ययन किया जाता है। यह अध्ययन मशीनों की दक्षता बढ़ाने, ऊर्जा की बचत करने और उपकरणों की आयु लंबी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

6. एंथ्रोपोसीन (Anthropocene)

23-Mar-2026

एंथ्रोपोसीन एक प्रस्तावित भूवैज्ञानिक युग है, जो पृथ्वी के इतिहास में उस दौर को दर्शाता है जब मानवीय गतिविधियों (औद्योगिक विकास, प्रदूषण, वनों की कटाई) ने ग्रह के पर्यावरण, जलवायु और पारिस्थितिक तंत्र पर गहरा और स्थायी प्रभाव डाला है। इसे अनौपचारिक रूप से 20वीं सदी के मध्य (लगभग 1950) से शुरू माना जाता है, जब प्लास्टिक, परमाणु परीक्षण और कार्बन उत्सर्जन के साक्ष्य वैश्विक स्तर पर मिलने लगे।

7. मेटापॉपुलेशन (Metapopulation)

20-Mar-2026

मेटापॉपुलेशन समान प्रजाति के ऐसे स्थानीय समूहों का एक नेटवर्क है, जो भौगोलिक रूप से अलग-अलग खंडों  में रहते हैं, लेकिन प्रवासन (migration) के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े होते हैं। इसमें कुछ समूह विलुप्त हो सकते हैं, जबकि नए समूह खाली स्थानों को पुन: आबाद कर लेते हैं।

8. अधोक्षेपण (Aggradation)

19-Mar-2026

अधोक्षेपण वह प्रक्रिया है जिसमें नदी अपने साथ लाए गए अवसादों (रेत, गाद आदि) को अपने तल में जमा करती है, जिससे नदी तल की ऊँचाई बढ़ जाती है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब निक्षेपण की दर, अपरदन की दर से अधिक हो जाती है।

9. अनवीकरणीय संसाधन (Non-Renewable Resources)

18-Mar-2026

अनवीकरणीय संसाधन वे प्राकृतिक संसाधन हैं, जो सीमित मात्रा में उपलब्ध होते हैं तथा जिनका पुनः निर्माण या नवीकरण मानव जीवनकाल में संभव नहीं होता है। ये संसाधन भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं द्वारा अत्यंत लंबे समय में बनते हैं, इसलिए इनके अत्यधिक उपयोग से इनके समाप्त होने का खतरा रहता है।

10. भूकंपीय तरंगें (Seismic Waves)

17-Mar-2026

भूकंप के दौरान पृथ्वी के अंदर उत्पन्न होने वाली कंपन तरंगें ही भूकंपीय तरंगें कहलाती हैं। ये तरंगें भूकंप के केंद्र से बाहर की ओर फैलती हैं और मिट्टी, चट्टानों तथा अन्य भूगर्भीय माध्यमों से गुजरती हैं। इनसे भूकंप की तीव्रता, प्रकार और दूरी का अध्ययन किया जाता है।

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