New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

प्रतिदिन की सबसे महत्वपूर्ण News पढ़ने के लिए यहाँ Click करें

1. पंचशील समझौता (Panchsheel Agreement)

03-Jul-2024

यह वर्ष 1954 का भारत और चीन के बीच हस्ताक्षरित एक शान्ति समझौता है। इसकी प्रस्तावना में उल्लिखित पांच सिद्धांतों में एक-दूसरे की संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, गैर-आक्रामकता, एक दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करना, समानता और पारस्परिक लाभ, तथा 'शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व' शामिल हैं।

2. जीन साइलेंसिंग थेरेपी (Gene Silencing Therapy)

02-Jul-2024

इस प्रक्रिया में विशेष बीमारियों के लिए जिम्मेदार विशिष्ट जीन को निष्क्रिय करने के लिए शरीर की प्राकृतिक प्रणाली का उपयोग किया जाता है। इसमें अवांछित प्रभाव उत्पन्न करने वाले जीन की अभिव्यक्ति को अस्थायी रूप से अवरुद्ध करना और उसे प्रोटीन उत्पादन करने से रोकना शामिल है। इसे जीन नॉकडाउन तकनीक भी कहते हैं।

3. एनिमल डिप्लोमेसी (Animal Diplomacy)

29-Jun-2024

इसके अंतर्गत विभिन्न देशों के बीच मित्रता या सद्भावना के संकेत के रूप में जानवरों को उपहार या उधार के रूप में देना शामिल है। इसमें उपहार देने वाले देश के स्थानिक या सांस्कृतिक महत्त्व वाले जानवर दिए जाते हैं। इन्हें प्राप्तकर्ता देश सामान्यतः इनके संरक्षण के लिए सहमत होता है, जिससे देशों के बीच सामंजस्य बढ़ता है।

4. शैडो कैबिनेट (Shadow Cabinet)

28-Jun-2024

यह व्यवस्था अनौपचारिक होती है। इसमें विपक्ष भी एक मंत्रिमंडल बनाता है और इसमें शामिल नेताओं को केंद्रीय मंत्रियों के तरह ही विभाग या मंत्रालय दिए जाते हैं। इसका उद्देश्य इन मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की निगरानी करना होता है। इनके निर्णय बाध्यकारी नहीं होते हैं।

5. समोच्चरेखीय कृषि (Contour farming)

25-Jun-2024

यह कृषि मुख्य रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में मृदा और जल के संरक्षण के लिए की जाती है। इसमें पहाड़ियों के पार्श्वों अथवा ढालयुक्त भूमियों पर समोच्चरेखाओं में कृषि कार्य; जैसे जुताई, बुवाई, निराई-गुड़ाई किया जाता है। इससे खेतों में ढाल के विरुद्ध मेंड़ जैसे बन जाते हैं, जो बहते हुए जल के वेग को कम कर देते हैं। इससे मृदा का बहाव कम हो जाता है और भूमि को जल सोखने के लिए समय मिल जाता है।

6. गिरदावरी (Girdawari)

24-Jun-2024

यह एक नियमित फसल निरीक्षण संबंधित डॉक्यूमेंट है। इसमें कृषि भूमि के बारे में जानकारी होती है; जैसे- खसरा संख्या, जोती गई भूमि, बोई गई फसल, फसलों में प्रयुक्त सिंचाई का माध्यम आदि। कृषि भूमि से संबंधित गिरदावरी प्रायः पटवारी के पास होती है।

7. हूच (Hooch)

22-Jun-2024

हूच शब्द हूचिनो नामक अलास्का की एक जनजाति से लिया गया है, जो बहुत स्ट्रांग शराब बनाने के लिए जानी जाती है। इस शब्द का इस्तेमाल प्रायः घटिया किस्म की शराब के लिए किया जाता है, जो अवैध रूप से बनाई और वितरित की जाती है।

8. प्रोटेम स्पीकर (Protem speaker)

21-Jun-2024

प्रोटेम शब्द लैटिन भाषा के शब्द प्रो टैम्पोर से लिया गया है, जिसका अर्थ है- 'कुछ समय के लिए'। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। यह एक अस्थायी पद है, जो लोकसभा अध्यक्ष के चुने जाने तक के लिए होता है। यह नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाते हैं। संसदीय परंपरा के अनुसार सदन के वरिष्ठतम सदस्य को प्रोटेम स्पीकर चुना जाता है।

9. कफ़ाला प्रणाली (Kafala system)

20-Jun-2024

यह प्रवासी श्रमिकों और नियोक्ताओं (कफील) से संबंधित एक व्यवस्था है, जो कफील को प्रवासी श्रमिकों पर असीमित अधिकार देती है। इसमें श्रमिकों पर देश में प्रवेश करने, रहने, काम करने और देश से बाहर निकलने पर नियंत्रण शामिल है। इस नियंत्रण से श्रमिकों के साथ शोषण और दुर्व्यवहार का जोखिम बना रहता है। यह पश्चिम एशिया के कई देशों; जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत आदि में लागू है।

10. प्रत्ययानुदान (Vote of credit)

18-Jun-2024

जब किसी सेवा या मद के लिये आकस्मिक रूप से धन की अत्यधिक एवं तुरंत सहायता आवश्यक होती है तो इस प्रकार की अनुदान मांग रखी जाती है। यह कहा जा सकता है कि यह लोकसभा द्वारा कार्यपालिका को दिया गया ब्लैंक चेक होता है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR