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IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics)

03-Oct-2024

'समष्टि' शब्द अंग्रेज़ी भाषा के 'मैक्रो' (Macro) शब्द से बना है, जिसका अर्थ ‘बड़ा’ होता है। अर्थशास्त्र के संदर्भ में यह समस्त अर्थव्यवस्था या संपूर्ण अर्थव्यवस्था को संदर्भित करता है। इसमें राष्ट्रीय आय, रोज़गार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार जैसी आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है।

2. सीमांत निधि लागत पर आधारित उधार दर (Marginal Cost of funds based Lending Rate- MCLR)

01-Oct-2024

यह अग्रिम ब्याज दर तय करने की एक पद्धति है। यह बैंकों के लिये एक आंतरिक बेंचमार्क दर के रूप में कार्य करती है, जो सभी ऋणों के मूल्य निर्धारण में मदद करती है। इस व्यवस्था के अंतर्गत बैंकों को उधारी दर के निर्धारण में फंड की सीमांत लागत को भी आधार बनाना होता है, अर्थात् रेपो दर परिवर्तित होने पर बैंकों को अपनी आधार दर भी परिवर्तित करनी होती है।

3. नियो बैंक (Neo Bank)

30-Sep-2024

ये एक तरह के डिजिटल बैंक हैं, जिनकी कोई शाखा नहीं होती है। नियोबैंकिंग पूरी तरह से ऑनलाइन होती है। ये बैंकिंग सेवाएँ प्रदान करते हैं; जैसे- बचत खाता, शीघ्र ऋण, क्रेडिट कार्ड, म्यूचुअल फंड और सावधि जमाएँ आदि।  इन सेवाओं के लिए नियो बैंक ऐसे बैंक से संबंद्ध होते हैं, जिन्हें RBI से लाइसेंस प्राप्त होता है।

4. अनुसूचित बैंक (Scheduled Bank)

28-Sep-2024

ये बैंक भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की दूसरी अनुसूची में सूचीबद्ध होते हैं। इनकी पूंजी तथा संचित कोष 5 लाख रुपए के बराबर या उससे अधिक होता है। इन बैंकों के लिये भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। ये रिज़र्व बैंक से ऋण भी प्राप्त कर सकते हैं।

5. टियर-1 पूंजी (Tier-1 Capital)

27-Sep-2024

यह बैंक की मूल तथा सर्वाधिक स्थायी पूंजी होती है। यह बैंक को आकस्मिक हानियों के विरुद्ध तत्काल सहायता उपलब्ध कराती है। इसे कोर पूंजी भी कहा जाता है। इसमें शामिल है शेयर पूंजी, घोषित रिज़र्व और सुरक्षित ऋण आदि।

6. राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक निधि अंतरण (National Electronic Fund Transfer - NEFT)

26-Sep-2024

यह एक राष्ट्रव्यापी भुगतान प्रणाली है, जो एक बैंक खाते से दूसरे बैंक खाते में धन के हस्तांतरण की अनुमति देती है। इस सुविधा के तहत कोई व्यक्ति, फर्म और कॉर्पोरेट किसी भी बैंक से किसी भी अन्य बैंक में खाता रखने वाले किसी व्यक्ति, फर्म या कॉर्पोरेट को धनराशि का हस्तांतरण कर सकता है।

7. रेंगती हुई मुद्रास्फीति (Creeping Inflation)

25-Sep-2024

जब मुद्रास्फीति की दर 3 प्रतिशत या उससे भी कम हो तो इसे 'रेंगती हुई मुद्रास्फीति' कहते हैं। यह मुद्रास्फीति का अत्यंत मंद रूप होता है। यह आर्थिक विकास के लिये आवश्यक होती है। सामान्यतः इस प्रकार की स्थिति विकसित देशों में पाई जाती है।

8. लागत-जनित मुद्रास्फीति (Cost-Push Inflation)

24-Sep-2024

जब वस्तुओं एवं सेवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि के कारण उनकी कीमतों में वृद्धि होती है तो उसे लागत-जनित मुद्रास्फीति कहते हैं। यदि कच्चे माल अथवा अन्य किसी प्रकार के उत्पादन की लागत में बढ़ोतरी हो जाए तो अंतिम उत्पादित वस्तु या सेवा का मूल्य स्वतः ही बढ़ जाता है।

9. व्यपगत का सिद्धांत (Doctrine of lapse)

23-Sep-2024

यह भारत में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा अपनाई गई एक विलय नीति थी। इस नीति के तहत किसी भी शासक के नि:संतान होने पर उसे अपने उत्तराधिकारी को गोद लेने का अधिकार नहीं था। शासक की मृत्यु होने के बाद या सत्ता का त्याग करने पर उस क्षेत्र को ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया जाता था।

10. कैरी ट्रेड (Carry Trade)

21-Sep-2024

विभिन्न देशों की ब्याज दरों के बीच अंतर के कारण वैश्विक निवेशक ऐसे देश से ऋण लेते हैं, जहाँ ब्याज दरें कम हों और उसे (मुद्रा बदलने के बाद) ऐसे देश में निवेश करते हैं जहाँ ब्याज दरें बहुत अधिक हों। इस प्रकार निवेशकों द्वारा ब्याज अन्तराल का लाभ उठाना कैरी ट्रेड कहलाता है।

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