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Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026 Final Result - UPSC CSE Result, 2025 GS Foundation (P+M) - Delhi : 23rd March 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 17th March 2026

IMPORTANT TERMINOLOGY

पाठ्यक्रम में उल्लिखित विषयों की पारिभाषिक शब्दावलियों एवं देश-दुनिया में चर्चा में रही शब्दावलियों से परीक्षाओं में प्रश्न पूछे जाने का चलन तेजी से बढ़ा है। यह खंड वस्तुनिष्ठ और लिखित दोनों परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण है। शब्दावलियों से परिचय अभ्यर्थियों को कम परिश्रम से अधिक अंक लाने में मदद करता है। इस खंड में प्रतिदिन एक महत्वपूर्ण शब्दावली से परिचय कराया जाता है।

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1. ट्रेजरी बिल (Treasury bills)

28-Mar-2024

वित्तीय बाजार से धन की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सरकार प्रतिभूतियां जारी करती है। केंद्र सरकार की एक वर्ष से भी कम समय की परिपक्वता अवधि वाली प्रतिभूतियों को ट्रेजरी बिल कहा जाता है। सामान्यतः इन्हें तीन परिपक्वता अवधि (91 दिन, 182 दिन और 364 दिन) में जारी किया जाता है। ये शून्य कूपन प्रतिभूतियाँ होती हैं अर्थात इन पर कोई ब्याज प्रदान नहीं किया जाता है। इन्हें छूट पर जारी किया जाता है और अंकित मूल्य पर वापिस ख़रीदा जाता है।

2. सार्वभौमिक स्वीकृति (Universal Acceptance)

22-Mar-2024

यह एक तकनीकी आवश्यकता है, जो सुनिश्चित करती है कि सभी वैध डोमेन नाम और ईमेल पते को स्क्रिप्ट, भाषा या वर्ण की लंबाई की परवाह किए बिना, सभी इंटरनेट-सक्षम एप्लिकेशन, डिवाइस और सिस्टम द्वारा समान रूप से उपयोग किया जा सकता है।

3. निंदा प्रस्ताव (Censure Motion)

21-Mar-2024

यह प्रस्ताव केवल लोक सभा में विपक्ष द्वारा किसी मंत्री या संपूर्ण मंत्रिपरिषद् के विरुद्ध लाया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकार के कार्यों की आलोचना करना होता है। इस प्रस्ताव के पारित होने से सरकार नहीं गिरती है। इस प्रस्ताव को लाने के लिए किसी स्पष्ट नियम का उल्लेख नहीं है, फिर भी 50 सदस्यों के समर्थन से यह प्रस्ताव लाया जाता है।

4. PM 2.5

20-Mar-2024

PM यानी पार्टिकुलेट मैटर हवा में फैले सूक्ष्म या नैनो-कण होते हैं। वे कण जिनका व्यास 2.5 माइक्रोमीटर से कम (मानव बाल के व्यास के लगभग 3%) होता है, उन्हें PM 2.5 कहते हैं। ये अस्थिर, अर्ध-वाष्पशील, गैर-वाष्पशील, तरल या ठोस हो सकते हैं।

5. फोर्टिफिकेशन (Fortification)

19-Mar-2024

यह खाद्य पदार्थों की पोषण गुणवत्ता में सुधार करने की प्रक्रिया है। इसके तहत खाद्य या पूरक आहार में सूक्ष्म पोषक तत्वों (जैसे-विटामिन, खनिज तत्व आदि) को कृत्रिम रूप से मिलाया जाता है। उदाहरण के लिए- राइस फोर्टिफिकेशन के तहत चावल में पोषण गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आयरन, विटामिन B12 और फोलिक एसिड जैसे पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इसे खाद्य सुरक्षा और मानक (खाद्य फोर्टिफिकेशन) विनियम, 2018 के तहत विनियमित किया जाता है।

6. क्रिप्टो माइनिंग (Crypto mining)

18-Mar-2024

यह क्रिप्टोकरेंसी (जैसे बिटकॉइन) द्वारा नई क्रिप्टोकरेंसी सृजित करने और नए लेन-देन को सत्यापित करने की एक प्रक्रिया है। इसके अंतर्गत कंप्यूटर के विशाल एवं विकेन्द्रीकृत नेटवर्क ब्लॉकचेन को सत्यापित और सुरक्षित करते हैं। ब्लॉकचेन नेटवर्क पर क्रिप्टोकरेंसी को सत्यापित करने के लिए प्रूफ ऑफ-वर्क और प्रूफ ऑफ स्टेक एल्गोरिदम का उपयोग किया जाता है।

7. T+0 सेटलमेंट (T+0 settlement)

16-Mar-2024

शेयर बाजार से जब किसी कंपनी के शेयर खरीदे जाते हैं, तो इन शेयरों को खरीदार के  डीमैट खाते में क्रेडिट होने के लिए निश्चित समय लगता है। शेयर खरीदार के डीमैट खाते में खरीदारी के दिन ही शेयर क्रेडिट होने को T+0 सेटलमेंट कहा जाता है।

8. एक्टिव गैलेक्टिक न्यूक्लियस (Active Galactic Nucleus)

15-Mar-2024

एक्टिव गैलेक्टिक न्यूक्लियस या सक्रिय गांगेय नाभिक किसी आकाशगंगा का एक अत्यंत चमकीला केंद्रीय क्षेत्र होता है, जो रेडियो तरंगों से लेकर गामा किरणों तक संपूर्ण विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम में विकिरण उत्सर्जित करता है। यह जिस आकाशगंगा में होता है उसे 'सक्रिय आकाशगंगा' कहा जाता है। सर्वाधिक शक्तिशाली एक्टिव गैलेक्टिक न्यूक्लियस को क्वासर के रूप में जाना जाता है।

9. स्काईग्लो (Skyglow)

14-Mar-2024

यह प्रकाश प्रदूषण का एक रूप है, जिसमें कृत्रिम प्रकाश के कारण रात्रि के समय आकाश अत्यधिक चमकीला हो जाता है। शहरों में स्काईग्लो को आसानी से देखा जा सकता है। यह रात्रिचर जीवों के साथ-साथ रात्रि में विश्राम करने वाले जीवों के लिए समस्या का कारण बनता है।

10. डीम्ड एक्सपोर्ट्स (Deemed Exports)

13-Mar-2024

इसके तहत वस्तुओं को भारत में ही किसी ऐसे खरीदार को बेचा जा सकता है, जिसके पास इन वस्तुओं के आयात के लिए लाइसेंस होता है। यानी निर्यात की गई वस्तुएं देश से बाहर नहीं जाती हैं। ऐसा वस्तु विक्रेता डीम्ड निर्यातक और खरीदार डीम्ड आयातक कहलाता है।

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